नई दिल्ली: जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने रविवार को एक बार फिर एनआरसी पर बयान दिया है. उन्होंने ट्वीट करके कहा कि एनआरसी का हाल भी नोबंदी की तरह होगा. हमें अपने अनुभव से मालूम है कि इससे सिर्फ गरीब तबके के लोग आहत होते हैं.

इससे पहले किशोर ने बुधवार को ट्वीट किया था कि यह कानून एनआरसी के साथ मिलकर व्यवस्थित ढंग से लोगों के साथ धर्म के आधार पर भेदभाव और यहां तक कि उन्हें प्रताड़ित करने के लिए घातक गठजोड़ बन सकता है. उन्होंने शनिवार को नीतीश के साथ लगभग एक घंटे तक विवादित कानून को लेकर चर्चा की. जदयू उपाध्यक्ष किशोर ने बैठक के बाद कहा कि पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते उन्हें (नीतीश कुमार को) तय करना है कि कौन सही है और कौन नहीं. मैंने जो विचार प्रकट किए, उन पर कायम हूं. मुझे नहीं लगता कि पार्टी में मेरा कोई दुश्मन है.

बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) को जनता दल (युनाइटेड) का समर्थन दिए जाने के बाद अपनी पार्टी से नाराज चल रहे जद (यू) उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने शनिवार शाम बिहार के मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया था. लेकिन एक समाचार एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि नीतीश कुमार ने फिलहाल प्रशांत किशोर का इस्तीफा अभी स्वीकार नहीं किया है.