गुवाहाटी: असम पुलिस ने वांछित फर्जी उम्मीदवार प्रदीप कुमार को गिरफ्तार किया, जिसने नील नक्षत्र दास के लिए अखिल भारतीय इंजीनियरिंग संयुक्त प्रवेश परीक्षा (मेन्स) 2020 लिखी थी, जिसने 99.8 प्रतिशत अंक हासिल किए और टॉपर्स में से एक बन गया. पुलिस ने कहा कि प्रदीप कुमार को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया और अदालत में पेश करने के लिए गुवाहाटी लाया जाएगा.Also Read - Assam floods: सात जिलों में करीब 57 हजार लोग प्रभावित, बारिश और भूस्खलन के बीच सैकड़ों जगह-जगह फंसे

1 नवंबर को पुलिस ने एक कोचिंग सेंटर के मालिक भार्गव डेका, जेईई (मेन्स) परीक्षा प्रतिरूपण मामले के एक अन्य मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसमें असम पुलिस ने अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है. असम सरकार ने घोटाले की जांच के लिए गुवाहाटी के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पश्चिम), सुप्रोटीव लाल बरुआ के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था. Also Read - गुवाहाटी में बोले अमित शाह, हम असम के सभी क्षेत्रों से AFSPA हटाने के लिए प्रतिबद्ध

गुवाहाटी के पुलिस आयुक्त मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने पहले बताया कि आरोपी जेईई (मेन्स) के उम्मीदवार, उनके डॉक्टर पिता और तीन अन्य सह साजिशकर्ताओं को भी 28 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था और जांच शुरू की गई थी. पुलिस ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) से संपर्क किया है, जिसने जनवरी और सितंबर में देश भर में JEE (Mains) आयोजित किया था और परीक्षा से संबंधित जानकारी मांगी थी. Also Read - टूटी-फूटी हिंदी में रतन टाटा ने दिया भावुक स्पीच, कहा ‘जो भी बोलूंगा, वह सीधे मेरे दिल की बात है’

एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि 23 अक्टूबर को पुलिस के पास एक शिकायत दर्ज की गई थी जिसमें दावा किया गया था कि जेईई (मेन्स) के लिए एक उम्मीदवार ने अपनी ओर से परीक्षण के लिए छद्म उम्मीदवार का इस्तेमाल किया और उसने इसकी मदद से 99.8 प्रतिशत अंक हासिल किए. एक निजी कोचिंग सेंटर के अलावा एक अन्य व्यक्ति और एक व्यक्ति. पुलिस ने अभी तक घोटाले की पूरी जानकारी जांच के हित में नहीं दी है.