नई दिल्‍ली: देश की राजधानी में 20 साल पहले हुए बहुचर्चित जेसिका लाल हत्‍याकांड का दोषी मनु शर्मा कल यानि सोमवार को तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद अपने घर आ गया है. Also Read - तिहाड़ पहुंचा कोरोना वायरस, सामने आया संक्रमण का पहला मामला, सहायक अधीक्षक कोविड-19 पॉजिटिव

जेसिका लाल हत्‍याकांड के दोषी मनु शर्मा को 17 साल जेल में बिताने के बाद उसे अच्‍छे आचरण के आधार पर रिहा किया गया है. हत्या के दोषी सिद्धार्थ वशिष्ठ उर्फ मनु शर्मा ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में आजीवन कारावास की सजा पूरी कर चुका था. Also Read - Covid-19: कैदियों का कमाल! तिहाड़ जेल में ही बना डाले 75000 मास्क, सेनेटाइजर

दिल्‍ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सजा समीक्षा बोर्ड की सिफारिश के बाद मनु शर्मा की रिहाई की अनुमति दी थी. उन्हें 1999 में जेसिका लाल हत्याकांड में दोषी ठहराया गया था.

30 अप्रैल 1999 को दक्षिणी दिल्ली के महरौली में कुतुब मीनार इलाके में सोशलाइट बीना रमानी के स्वामित्व वाले एक रेस्तरां में शराब परोसने से इनकार करने के बाद मनु शर्मा ने जेसिका लाल को गोली मार दी थी.

जेसिका की बहन ने मनु शर्मा को दो साल पहले माफ कर दिया था
बता दें कि करीब दो साल पहले जेसिका की बहन सबरीना ने हत्या के दोषी मनु शर्मा को माफ कर दिया था. सबरीना ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि वह 1999 से वह इसकी लड़ाई लड़ रही हैं. उसने 15 साल जेल में बिता लिए हैं. अब गुस्सा छोड़ने की जरूरत है. मुझे लगता है कि अगर मनु शर्मा जेल से बाहर आता है तो यह ठीक है. इसका कोई विशेष कारण नहीं है. अब दिमाग को शांत करने और जीवन में आगे बढ़ने की जरूरत है. गुड़गांव में रह रही सबरीना ने जेल कल्याण अधिकारी की तरफ से पीड़ित कल्याण फंड से मिलनेवाली राशि लेने से भी मना कर दिया था. सबरीना ने कहा कि उन्हें इस पैसे की जरूरत नहीं है और यह पैसा किसी ज्यादा जरूरतमंद शख्स तक पहुंचा दिया जाए.