नई दिल्ली: निजी क्षेत्र की विमानन कंपनी जेट एयरवेज ने घरेलू पायलट संघ नेशनल ऐविएटर्स गिल्ड (एनएजी) की मांग के बाद 30 विदेशी पायलटों को हटा दिया है. एनएजी ने विदेशी पायलटों को महंगे पायलट करार देते हुए उन्हें हटाने की मांग की थी.

इस फैसले से जुड़े एक सूत्र ने कहा, जेट एयरवेज के साथ अभी भी 54 विदेशी पायलट काम कर रहे हैं. उन्हें भी समय के साथ हटा दिया जाएगा. वर्तमान में जेट एयरवेज में 1400 से ज्यादा पायलट कार्यरत हैं. विदेशी पायलट जेट एयरवेज के बोइंग 737 और एटीआर बेड़े का परिचालन करते हैं.

बेंगलुरु में एक विदेशी पायलट द्वारा कथित तौर पर प्रशिक्षु का उत्पीड़न करने का मामला सामने आने के बाद एनएजी ने इस साल अप्रैल में निर्देश जारी करके अपने 1000 सदस्यों को विदेशी पायलटों के साथ उड़ान भरने से मना कर दिया था। हालांकि बहिष्कार के इस आदेश को बाद में वापस ले लिया गया था.

सूत्र ने बताया जेट एयरवेज ने पिछले 6 महीनों में कुछ 40 विदेशी पायलटों को पिंक स्लिप दी थी. हालांकि, उनमें से 10 को फिर से भर्ती कर लिया गया था. इसलिए, अब तक 30 विदेशी पायलटों को वापस भेजा गया है. लेकिन हम चाहते हैं कि सभी महंगे पायलटों को बाहर किया जाए.