भोपाल: मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के किसानों ने पाकिस्तान में टमाटर के आसमान छूते दाम पर रहम खाते हुए पड़ोसी देश की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है, लेकिन इस शर्त के साथ कि वह ‘पीओके’ छोड़ दे. झाबुआ के किसानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को एक पैगाम भेजा है, जिसमें कहा गया है कि वह अपने कारनामों के लिए माफी मांगते हुए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) को छोड़ दे तो यहां के किसान उन्हें टमाटर भेजने को तैयार है. पाकिस्तान में इन दिनों टमाटर 400 से 500 रुपये किलो के भाव बिक रहा है. यह बात जब झाबुआ जिले के पेटलावद के किसानों को मीडिया में आईं खबरों से पता चली तो उन्होंने बाघा बोर्डर के जरिए टमाटर पाकिस्तान भेजने की पहल की.

भारतीय किसान यूनियन की झाबुआ इकाई ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को 22 नवंबर को एक पत्र लिखा है. इसमें कहा गया है, “पाकिस्तान ने हमारे देश में निर्दोषों पर हमले किए, आतंकवाद फैलाया, मुंबई में हमला किया और फिर पुलवामा की घटना को अंजाम दिया.” यूनियन के पत्र के मुताबिक, आतंकी गतिविधियों के विरोध में ही भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने पाकिस्तान टमाटर भेजना बंद किया था. पहले पेटलावद में उपजने वाला टमाटर काफी मात्रा में बाघा बोर्डर के जरिए पाकिस्तान भेजा जाता था.

पत्र में आगे कहा गया है, “पाकिस्तान अपनी करतूतों के लिए माफी मांगे और पीओके से कब्जा हटाने के साथ दाऊद इब्राहिम और अन्य आतंकियों को भारत को सौंपे, तब भारतीय किसान यूनियन पाकिस्तान को टमाटर भेजना शुरू कर देगा.” झाबुआ की भाकियू की जिला इकाई के अध्यक्ष महेंद्र हमाद ने भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को ट्वीट कर अपना संदेश भेजा है. इस ट्वीट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी रीट्वीट किया गया है. भाकियू के प्रदेश महामंत्री अनिल यादव ने आईएएनएस को बताया कि झाबुआ के पेटलावद में बड़ी मात्रा में टमाटर की पैदावार होती है. यहां का टमाटर पाकिस्तान जाता था, मगर आतंकी गतिविधियां बढ़ने पर यहां से टमाटर पाकिस्तान भेजना बंद कर दिया गया था. वह बंदिश अब भी जारी है.

(इनपुट आईएएनएस)