रांची: झारखंड के वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने मंगलवार को विपक्ष के हंगामे के बीच विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए राज्य का बजट पेश किया. 86 हजार 370 करोड़ रुपये के बजट में 13,054.06 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय और 73,315.94 करोड़ रुपये का राजस्व व्यय रखा गया है. नए वित्तीय वर्ष में आठ प्रतिशत विकास दर प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है. वित्तमंत्री उरांव ने बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया है. दिल्ली की तर्ज पर 100 यूनिट बिजली खपत करने वालों को बिजली मुफ्त में देने का प्रावधान भी बजट में किया गया है. साथ ही राष्ट्रीय राजधानी की तरह ही राज्य में 100 मोहल्ला क्लीनिक खोलने का प्रस्ताव बटज में दिया गया है. Also Read - Delhi Metro Latest News: दिल्ली में 10 से 17 मई तक नहीं चलेगी मेट्रो, जानें और क्या-क्या लगाई गई पाबंदियां...

बजट में 57 लाख परिवारों को अनुदानित दर पर खाद्यान, लुंगी और धोती मुहैया कराने का सरकार ने प्रावधान किया है. इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनवाने वालों को अतिरिक्त 50 हजार रुपये राज्य सरकार मुहैया कराएगी. बजट में 50 साल से ऊपर के सभी लोगों, सभी विधवाओं को राशन उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है. Also Read - Lockdown Extended In Delhi: दिल्ली में बढ़ा लॉकडाउन, अब 17 मई तक रहेंगी पाबंदियां- कल से मेट्रो भी नहींं चलेगी

बजट को लोक लुभावन बनाने के लिए सरकार ने बजट में एक विशेष छात्रवृत्ति योजना शुरू करने का प्रावधान किया है. इसके लिए अलग से बजट में 30 करोड़ रुपये रखे गए हैं. इसी तरह मध्याह्न् भोजन बनाने वाले रसोइयों के मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि की गई है. अब 1500 की जगह उन्हें 2000 रुपये का मानदेय मिलेगा. Also Read - Delhi Lockdown Update: देश की राजधानी दिल्ली में लॉकडाउन बढ़ना तय! आज CM केजरीवाल कर सकते हैं ऐलान

बजट में किसानों के कर्ज माफ करने की भी घोषणा की गई है. बजट भाषण में वित्तमंत्री ने कहा है कि किसानों के कर्ज माफ होंगे. पहले चरण में 50 हजार रुपये तक के कृषि ऋण माफ किए जाएंगे. जिला स्कूलों को उच्चस्तरीय विद्यालय के रूप में विकसित करने का भी प्रावधान बजट में किया गया है. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए विशेष योजना चलाने की योजना बनाई गई है.