हरियाणा और मध्य प्रदेश के बाद झारखंड में भी निजी क्षेत्र की नौकरियों को आरक्षित करने का फैसला किया गया है. राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 72वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर घोषणा की कि राज्य सरकार शीघ्र ही प्रदेश में निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत पदों को स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित करेगी. Also Read - Jharkhand CM Hemant Soren Death Threat: हेमंत सोरेन को फिर E-Mail से मिली धमकी, जान से मार देंगे

दुमका पुलिस लाइन में मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद परेड की सलामी ली. इस मौके पर अपने भाषण में सोरेन ने कहा, ‘‘2021 नियुक्ति का वर्ष होगा. नयी स्थानीयता नीति परिभाषित की जाएगी और निजी क्षेत्रों में 75 प्रतिशत पदों को स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित कर दिया जाएगा. ’’ Also Read - Jharkhand News, Covid-19 Vaccine Death: कोरोना वैक्सीन लगाने के बाद स्वास्थ्यकर्मी की मौत, अधिकारियों ने कहा- टीका वजह नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक विद्यालयों में कर्मियों की नियुक्ति के लिए नियमावली बनाई जा रही है, शिक्षक एवं पुलिस भर्ती के लिए भी जल्द नियमावली लाई जाएगी. Also Read - पिता ने मेला देखने से मना किया तो 16 साल की नाबालिग ने उठा लिया यह कदम...

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में सार्वभौमिक वृद्ध कल्याण योजना शुरू करेगी जिसके तहत राज्य के सभी वृद्धजनों को प्रतिमाह 1000 रुपये पेंशन के रूप में बैंक खाते में उपलब्ध कराये जायेंगे.

मुख्यमंत्री ने बताया कि संथाल परगना प्रमंडल में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिये दुमका में नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज में 500 बिस्तरों वाले अस्पताल का निर्माण कार्य प्रगति पर है और इसे शीघ्र पूरा करने का लक्ष्य है.

उन्होंने कहा कि ‘सो ना – सोबरन धोती – साड़ी वितरण योजना’ शुरू की जायेगी जिसके तहत 57 लाख परिवारों को राज्य में एक धोती , लुंगी एवं साड़ी 10 रुपये की अनुदानित राशि पर वितरित की जायेगी.

उन्होंने याद दिलाया कि उनकी सरकार में ‘ झारखंड राज्य कृषि माफी योजना’ का शुभारंभ किया गया है जिसके तहत किसानों की 50 हजार रुपये तक की बकाया राशि माफ की जायेगी.

(इनपुट-भाषा)