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Jharkhand Protest DAY 12: अनशनकारी देवेंद्रनाथ महतो ने सोनम के आग्रह पर पिया पानी, भूख हड़ताल जारी

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ युवाओं का प्रदर्शन कांग्रेस के लिए राजनीतिक संकट बन गया है, क्योंकि वह सत्ता में साझेदार है, लेकिन युवाओं का समर्थन भी दिखाना चाहती है.

Written by: Farha Fatima
Updated: August 5, 2026, 12:33 PM IST

झारखंड में JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का विरोध-प्रदर्शन 5 अगस्त को भी जारी है. सोनम वांगचुक से बातचीत के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अनशन तोड़ दिया है. 29 जुलाई, 2026 को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से ये अनिश्चितकालीन धरना शुरू हुआ और 7 अगस्त, 2026 को झारखंड विधानसभा तक एक विशाल मार्च निकाला जाना है. झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता, भ्रष्टाचार और पेपर लीक के मुद्दों को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. आंदोलनकारी छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो 6 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव किया जाएगा.

इन परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का आरोप

आंदोलनकारी मुख्य रूप से 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने, जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई और ईडी से जांच कराने, ओएमआर शीट, मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं और श्रेणीवार कटऑफ सार्वजनिक करने तथा विवादित परीक्षा एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने के साथ भर्ती आयोगों में व्यापक सुधार की मांगें कर रहे हैं. 14वीं जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी ने सोमवार को रांची, धनबाद, बोकारो, देवघर, गोड्डा, रामगढ़, हजारीबाग समेत राज्य के विभिन्न जिलों में कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की.

जांच के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज, अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी, एडमिट कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं. इनकी फॉरेंसिक और तकनीकी जांच कराई जा रही है. इससे पहले भी सीआईडी जेपीएससी कार्यालय में छापेमारी कर चुकी है और मामले में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्य सचिव एल. ख्यांगते से भी कई दौर की पूछताछ हो चुकी है.

उधर, राज्य सरकार छात्रों की शिकायतों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने जा रही है. इसकी घोषणा मंगलवार शाम तक किए जाने की संभावना है. सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रियाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित की जाएगी और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी. वहीं, विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है.

कांग्रेस की स्थिति

कांग्रेस झारखंड में जेएमएम (झारखंड मुक्ति मोर्चा) के नेतृत्व वाली सरकार की महत्वपूर्ण सहयोगी पार्टी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हैं. कांग्रेस इस प्रदर्शन के मुद्दे पर सरकार के प्रयासों (या उनकी कमी) से नाखुश है. पार्टी चाहती है कि उसे युवाओं के साथ खड़ा दिखाया जाए.कांग्रेस के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल, जिसका नेतृत्व AICC के झारखंड प्रभारी के. राजू कर रहे हैं और जिसमें पार्टी के राज्य सरकार के मंत्री भी शामिल हैं, बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलने वाला है. वे उनसे प्रदर्शनकारियों की “वास्तविक चिंताओं” को दूर करने के लिए कदम उठाने का आग्रह करेंगे.

कांग्रेस हाईकमान ने अब तक सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे पर चुप्पी साधी हुई है, लेकिन वह चिंतित है कि राज्य सरकार के प्रदर्शन को संभालने के तरीके से पार्टी को राजनीतिक नुकसान हो सकता है.पार्टी ने यूथ कांग्रेस और NSUI के राष्ट्रीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे स्टेडियम जाकर प्रदर्शनकारियों से मिलें और उन्हें समर्थन दें.

कांग्रेस इस समय दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाकर केंद्र की भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है. विपक्ष संसद में बाधा डाल रहा है और गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति तथा जवाबदेही की मांग कर रहा है. ऐसे में झारखंड में चल रहे प्रदर्शन को नजरअंदाज करना कांग्रेस के लिए मुश्किल हो रहा है.

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