पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में छात्रों का मौन जुलूस, मुंह पर पट्टी बांध शिबू सोरेन के कटआउट के साथ निकले
JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्र 5 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं.
झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्रों का आंदोलन मंगलवार को अलग अंदाज में नजर आया. सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में छात्रों ने मंगलवार शाम मौन जुलूस निकाला. इस दौरान कई छात्रों ने अपने मुंह पर पट्टी बांध रखी थी. छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक करीब दो किलोमीटर का मार्च निकाला. जुलूस में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए. कई छात्रों ने मुंह पर पट्टी बांधकर विरोध जताया, जबकि कुछ छात्रों ने मुंह पर अंगुली रखकर मौन प्रदर्शन किया. जुलूस में कुछ छात्र शिबू सोरेन के कटआउट लेकर चल रहे थे. इसके अलावा उनके हाथों में अपनी मांगों से जुड़ी तख्तियां भी थीं. कई छात्रों ने मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट जलाकर भी अपना विरोध दर्ज कराया.
5 जुलाई से आंदोलन कर रहे छात्र
JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्र 5 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं. आंदोलन में शामिल प्रमुख चेहरों में देवेंद्र नाथ महतो भी हैं. वह पिछले 10 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. अस्पताल में इलाज के दौरान भी उन्होंने भूख हड़ताल जारी रखने की बात कही है.
विधानसभा घेराव के दौरान हुआ था लाठीचार्ज
छात्रों ने सोमवार को झारखंड विधानसभा का घेराव करने के लिए मार्च निकाला था. इस दौरान प्रदर्शनकारी कई स्तर की बैरिकेडिंग पार कर विधानसभा के करीब पहुंचने की कोशिश कर रहे थे. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया. इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इस दौरान कई छात्रों के घायल होने की जानकारी सामने आई. पुलिस कार्रवाई के बाद छात्रों में नाराजगी और बढ़ गई. इसी के विरोध में मंगलवार को छात्रों ने मौन जुलूस निकाला.
आंदोलन जारी रखने का ऐलान
छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से उठा रहे हैं. उनका आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और विवादित परीक्षाओं को रद्द किया जाना चाहिए. छात्रों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा. मंगलवार का मौन जुलूस भी इसी विरोध का हिस्सा था. (एजेंसी इनपुट्स)
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