नई दिल्ली: गुजरात के वडगाम से निर्दलीय विधायक और दलित एक्टिविस्ट जिग्नेश मेवानी एक व्हाट्स एप ग्रुप में हुई बातचीत के आधार पर अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गए हैं और अपने ऊपर किसी हमले की आशंका जता रहे हैं. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक गुजरात के एक व्हाट्स एप ग्रुप ‘एडीआर पुलिस एंड मीडिया’ में हुई बातचीत जिग्नेश के डर का कारण है. इस व्हाट्स एप ग्रुप में गुजरात के कई सीनियर पुलिस अधिकारी और मीडिया कर्मी जुड़े हुए हैं. इस ग्रुप में हुई बातचीत का एक हिस्सा शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिसमें आरोप है कि अहमदाबाद ग्रामीण के डिप्टी एसपी आरबी देवढ़ा ने दो वीडियो ग्रुप में डाले. पहले वीडियो में पुलिस के जवान एक ऐसे व्यक्ति को पीटते हुए नजर आ रहे हैं जिसने राजनेताओं जैसे कपड़े पहने हैं. दूसरा वीडियो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का है जिसमें एक साक्षात्कार के दौरान योगी उत्तर प्रदेश में लगातार अपराधियों को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराए जाने की घटनाओं पर सवालों के जवाब दे रहे हैं.Also Read - J&K में जारी कुलगाम एनकाउंटर में अब तक दो आतंकी मारे गए, स्‍कूली बच्‍चों समेत 60 लोगों को बचाया गया

वीडियो के साथ ही एक मैसेज किया गया है जिसमें लिखा है कि, ‘जो लोग पुलिस के बाप बनना चाहते हैं और जो पुलिस को लखोटा (लिफाफा) कहते हैं उन्हें याद रखना चाहिए कि आपके जैसे लोगों के लिए पुलिस ऐसी हो सकती है. हिसाब बराबर कर लिया जाएगा- गुजरात पुलिस.’ अखबार के मुताबिक इस वीडियो के बाद अहमदाबाद ग्रामीण के एसपी ने थम्स अप इमोजी का मेसेज ग्रुप में भेजा है. इसी बात से परेशान और घबराए हुए मेवानी ने ट्विटर पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है, ” जिग्नेश मेवानी का एनकाउंटर ? यहां उस वेब पोर्टल का लिंक हैं जो व्हॉट्स एप पर हुई चैट का खुलासा करता हैं जिसमें दो पुलिसवाले कह रहे हैं कि मेरा एनकाउंटर कैसे किया जा सकता है. क्या आप विश्वास कर सकते हैं?” Also Read - J&K Encounter News: आर्मी को बड़ी कामयाबी: कुलगाम में TRF कमांडर समेत 4 आतंकी ढेर, पुलवामा में ब्‍लास्‍ट की बड़ी साजिश नाकाम

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हालांकि अहमदाबाद ग्रामीण के डिप्टी एसपी आरबी देवढ़ा ने मेवानी के आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि, ”मैने सिर्फ एक मेसेज को कॉपी पेस्ट किया था, उस मेसेज को गलत अर्थ में लिया जा रहा है. वो कोई पर्सनल मेसेज नहीं था और न ही उसमें किसी को कोई धमकी दी गई है. सिर्फ एक मेसेज को एक ग्रुप से दूसरे ग्रुप में शेयर किया गया था”.

इंडियन एक्सप्रेस से टेलीफोन पर हुई बात में जिग्नेश मेवानी ने कहा है कि ”यह गंभीर मामला है, दो शीर्ष पुलिसवाले संकेत दे रहे हैं कि मुझे एनकाउंटर में मारा जा सकता है. मैं डीजीपी, गृह मंत्री और गृह सचिव को शिकायत करने जा रहा हूं”. गौरतलब है कि पिछले दिनों 18 फरवरी एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें मेवानी पुलिस के साथ बहस करते हुए देखे गए थे. मेवानी को वीडियो में कहते हुए सुना जा रहा है, ”यह तेरे बाप नी जगी छे (तुम्हारे बाप की संपत्ति नहीं है यह)” और सादी वर्दी पहने पुलिस वालों को मेवानी ने लखोटा कहकर संबोधित किया था, जो उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रहे थे.