जियो के फ्री कॉलिंग और 4 जी डेटा प्लान से पहले ही अन्य टेलीकॉम कंपनियों में हड़कंप मचा है। जियो की शिकायत है कि बाकी कंपनियां उसे इंटरकनेक्शन प्वाइंट नहीं दे रहीं हैं जिस वजह से ग्राहकों को कॉल ड्रॉप की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस मसले में ट्राई से भी शिकायत की गई। पहले तो कुछ समय तक ट्राई ने बाकी टेलीकॉम कंपनियों को समझाया लेकिन बाद में उसने भी हाथ खड़े कर लिया और जियो को खुद निपटने के लिए कह दिया।Also Read - Reliance JioFiber यूजर्स बिना केबल कनेक्शन के देख पाएंगे फ्री में 150 TV चैनल्स

Also Read - Reliance Jio ने JioPhone यूजर्स के लिए पेश किए चार नए ऑल-इन-वन रिचार्ज पैक, मिलेंगे ये फायदे

अब रिलायंस जियो इन्फोकॉम ने अकेले अपनी दम पर इस समस्या से निपटने का बीड़ा उठा लिया है। अपने 4जी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए जियो ने 6 महीने के भीतर 45,000 मोबाइल टावर लगाने का फैसला लिया है। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया, ‘टेलिकॉम मिनिस्टर मनोज सिन्हा के साथ मीटिंग में रिलायंस जियो ने कहा कि वह अपने नैटवर्क को मजबूत करने के लिए छह महीने में 45,000 मोबाइल टावर लगाएगा। कंपनी का कहना है कि वह अगले 4 साल में एक लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगी। नए टावर लगाने की योजना भी उस इनवेस्टमेंट का ही एक हिस्सा है।’ Also Read - Reliance Jio ने पेश किए तीन नए ऑल-इन-वन रिचार्ज पैक, अन्य नेटवर्क पर भी मिलेगी फ्री कॉलिंग

सूत्रों ने बताया कि रिलायंस जियो ने मंत्री को बताया कि वह पहले ही 1.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश कर देश भर में 2.82 लाख बेस स्टेशन स्थापित कर चुका है। इसके जरिए कंपनी 18,000 से ज्यादा शहरों और 2 लाख गांवों को कवर करेगी। यह भी पढ़ें: जियो ने स्पैक्ट्रम बिक्री के लिए भरा 6500 करोड़ का गारंटी अमाउंट

गौरतलब है बीते दिनों ट्राई ने जियो को इंटरकनेक्शन प्वाइंट उपलब्ध न कराने पर 3500 करोड़ का जुर्माना लगाने की बात कही थी। इसके बाद ट्राई ने एक बैठक बुलाई। इस बैठक में जियो समेत एयरटेल, वोडाफोन, और आइडिया ने हिस्सा लिया था। यहां ट्राई के चेयरमैन आर.एस शर्मा ने कंपनियों से इस मामले को आपस में सुलझाने की सलाह दी थी।