नई दिल्ली: हरियाणा विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद राजनीति और तेज हो गई है. सभी पार्टियां जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू कर चुकी हैं. चुनावी नतीजे के बाद दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी (जजपा) किंगमेकर की भूमिका में है. इसी बीच जजपा की तरफ से बयान जारी किया गया है कि उनके दरवाजे कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए खुले हैं. अब देखना ये है कि दुष्यंत चौटाला किस पार्टी को अपना समर्थन देंगे. जजपा के प्रवक्ता निशांत सिंह ने बयान जारी कर कहा है कि उनकी पार्टी को भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों की तरफ से सरकार बनाने का ऑफर मिला है. बता दे कि दुष्यंत चौटाला अभी राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक ले रहे हैं.

दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि वो शुक्रवार की शाम 4 बजे तक इस बात का खुलासा करेंगे कि वो किस पार्टी को अपना समर्थन देने वाले हैं. वहीं मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर हरियाणा भवन में लगातार निर्दलीय विधायकों से मिल रहे हैं. हरियाणा भाजपा के प्रभारी और पार्टी महासचिव अनिल जैन ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनाने में सफल होगी. जैन ने बताया कि सभी निर्दलीय विधायक भाजपा को समर्थन देने के लिए तैयार हैं. वहीं भाजपा के बड़े नेता और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बयान जारी कर कहा है कि प्रदेश में भाजपा ही सरकार बनाएगी.

बता दें कि हरियाणा में सरकार बनाने के लिए 46 सीटों की आवश्यकता है. भाजपा के पास कुल 40 सीटें हैं. अनिल जैन के मुताबिक- रणधीर गोलन, बलराज कूंडू, रणजीत सिंह, राकेश दौलताबाद, गोपाल कांडा भाजपा को समर्थन देने के लिए तैयार हैं. भाजपा नेता जवाहर यादव ने बयान जारी कर कहा कि धर्मपाल गोंडन, नयनपाल रावत और सोमबीर सांगवान ने भी जेपी नड्डा से मुलाकात कर भाजपा को समर्थन देने की पेशकश की है. अगर सभी 8 निर्दलीय नेता भाजपा को समर्थन देते हैं तो प्रदेश में भाजपा की सरकार बन जाएगी. लेकिन देखना ये है कि आखिर जजपा किसे अपना समर्थन देगी.

गौरतलब है कि शुक्रवार की सुबह कांग्रेस के नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने विवादित बयान दिया था. मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि निर्दलीय चुनकर आए विधायक अगर भाजपा को समर्थन देंगे तो वक्त आने पर जिस जनता ने उन्हें जिताया है वही जनता उन्हें जूते से मारेगी. भाजपा को समर्थन देकर विधायक अपनी राजनीतिक कब्र खोद रहे हैं. वे लोगों का भरोसा बेच रहे हैं. हरियाणा की जनता ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करेगी.

हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा को 40 सीटें मिली हैं. वहीं कांग्रेस को 31 सीटों पर संतोष करना पड़ा है. इस चुनाव में 10 महीने पहले बनी दुष्यंत चौटाला की पार्टी जननायक जनता पार्टी ने बढ़िया प्रदर्शन किया है. इस चुनाव में जजपा को 10 सीटें मिली हैं जोकि सरकार बनाने में अहम योगदान देगी.