जम्मू: जम्मू कश्मीर विधानसभाध्यक्ष निर्मल सिंह एक विवाद में फंस गए हैं क्योंकि सेना ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे एक गोला बारूद डिपो के पास उनके मकान के निर्माण पर आपत्ति जताई है. सेना ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए निर्माण तत्काल रोकने की मांग की है. 30 अप्रैल को उप मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने निर्माण कार्य सभी कानूनी जरूरतें पूरी करने के बाद शुरू किया है. उन्होंने कहा कि मामला केवल उनकी सम्पत्ति का नहीं बल्कि गोला बारूद डिपो के पास ग्रामीणों और किसानों की हजारों एकड़ जमीन का है.

उन्होंने कहा कि विवाद अदालत में गया है जिसने निर्माण पर रोक नहीं लगाई है. इस पर पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर लिखा , ‘ जम्मू में बीजेपी नेताओं के घर सेना के अनुसार सुरक्षा के लिए खतरा है. यह स्थानीय रूप से ज्ञात है कि उन्होंने जमीन सस्ते में हासिल की और उन्होंने उम्मीद की थी कि खरीद को नियमित करने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करेंगे. सिंह को 19 मार्च को लिखे एक पत्र में सेना की 16 वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सरनजीत सिंह ने सेना के नगरोटा स्टेशन के पास मकान निर्माण पर आपत्ति जताई है.

गौरतलब है कि हाल ही में बीजेपी विधायक और पूर्व उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह को जम्मू कश्मीर विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया. सिंह जम्मू क्षेत्र में बिल्लावर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. यहां विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में ध्वनिमत से उन्हें विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया. सिंह के चयन के लिए कानून, न्याय एवं संसदीय मामलों के मंत्री बशारत अहमद बुखारी ने प्रस्ताव पेश किया था, जिसका समर्थन उप मुख्यमंत्री कवीन्द्र गुप्ता ने किया. सिंह ने बांदीपुरा से कांग्रेस विधायक उस्मान मजीद को हराया.

हालांकि विपक्ष ने यह आरोप लगाते हुए सदन से बहिर्गमन किया कि विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के लिए नियमों और उचित प्रक्रियाओं का अनुपालन नहीं हुआ. नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अली मोहम्मद सागर की अगुवाई में विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि विधानसभा उपाध्यक्ष संविधान की अवहेलना कर रहे हैं. सागर ने कहा आप नियमों और संविधान की अवहेलना कर रहे हैं. हम लोग बाधा नहीं डाल रहे हैं , लेकिन सत्तारूढ़ पार्टियां ऐसा कर रही हैं. वे नियमों को तोड़ना और संविधान की अवहेलना करना चाहते हैं.