श्रीनगर. एलओसी पर पाकिस्तान की तरफ से लगातार सीजफायर का उल्लंघन हो रहा है. इस फायरिंग का भारत के जांबाज सैनिक मुंहतोड़ जवाब भी देते हैं. लेकिन अचानक शुरू हो जाने वाली इस गोलीबारी से एलओसी के नजदीक बसे लोगों को बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. एलओसी के नजदीक रहने वाले लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने बॉर्डर के इलाके में बंकरों का निर्माण शुरू कर दिया है. समाचार एजेंसी एएनआई ने राजौरी जिले की तस्वीरें साझा की हैं जिसमें सीमावर्ती इलाके में बंकरों का निर्माण दिखाई दे रहा है. 

अंतर्राष्ट्रीय सीमा और LOC के पास 14 हजार बंकरों के निर्माण को केंद्र की मंजूरी

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2017 के आखिरी में ये खबर आई थी कि केंद्र सरकार बॉर्डर पर बंकरों का निर्माण कराएगी. केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में एलओसी के नजदीक 23 हजार से भी अधिक बंकरों के निर्माण का फैसला लिया था. ये बंकर स्थानीय लोगों को पाक की गोलीबारी से बचाने के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे. खुद केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह जानकारी दी थी. Also Read - Ceasefire Violations पर विदेश मंत्रालय ने पाकिस्‍तानी हाई कमीशन को तलब कर जताया कड़ा विरोध

जितेंद्र सिंह ने बताया था कि जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान बॉर्डर के नजदीक 23 हजार से अधिक निजी और सामुदायिक बंकरों का निर्माण किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सीमा पार से होने वाली गोलीबारी के दौरान इन बंकरों में वहां पर रहने वाले लोगों को भी शरण दिया जायेगा.

कठुआ जिले में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुये जितेंद्र सिंह ने कहा था कि सीमा पार (पाकिस्तान) से गोलीबारी के दौरान सीमा पर रहने वाले लोगों और उनके पशुओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट हीरानगर में कुल 19 हजार निजी बंकरों और 4,700 सामुदायिक बंकरों का निर्माण किया जाएगा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने विकास परियोजनाओं को केवल शहरी इलाकों में ही सीमित नहीं रखा है बल्कि ग्रामीण इलाकों को भी उसका अधिकार मिल रहा है.