नई दिल्ली: केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि कश्मीर में नजरबंद चल रहे नेताओं की खूब पूछ परख चल रही है और उनका ऐसा सत्कार हो रहा है जैसा कि उन्हें भी घन में नहीं मिलता . केन्द्रीय मंत्री को ‘अनुच्छेद 370 निरस्त किया जाना : जम्मू, कश्मीर एवं लद्दाख में शांति, स्थिरता एवं विकास ’ विषय पर व्याख्यान एवं चर्चा के लिए विश्वविद्यालय में आमंत्रित किया गया था. केन्द्रीय मंत्री ने अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने के कदम की सराहना करते हुए कहा कि इस कानून ने जम्मू कश्मीर के युवाओं को अलग थलग किया था और इसकी वजह से राज्य में आतंकवाद आया.

केन्द्रीय मंत्री के संबोधन के दौरान वाम दलों से जुड़े कुछ छात्रों ने जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने के विरोध में नारे लगाए. जम्मू से ताल्लुक रखने वाले केन्द्रीय मंत्री ने इसे बेहद सहज तरीके से लिया और नारेबाजी को ‘शानदार स्वागत’ करार दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि छात्र इस विषय पर अपनी बात रखने के लिए ‘उत्सुक और उत्साहित’ हैं.

कुलपति जगदीश कुमार ने कहा कि जेएनयू अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने के कदम का शेष भारत के समान ‘एक स्वर’ में समर्थन करता है. सिंह ने कहा कि कश्मीर में जो भी लोग नजरबंद हैं उनकी आवभगत हो रही है.

केन्द्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘कोई कैद नहीं है, (यह) एक प्रकार की प्रतिबंधात्मक नजरबंदी है और वह भी ऐसी नजरबंदी जहां खूब पूछ परख हो रही है. नजरबंद किए गए कुछ लोगों का तो इतना सत्कार हो रहा है जितना मेरे घर में मुझे नहीं मिलता. उनमें से कुछ ‘ब्राउन ब्रेड’ मांग रहे हैं, कुछ हॉलीवुड (फिल्म) वीडियो की फरमाइश कर रहे है.

उन्होंने यह भी दावा किया पिछले छह सप्ताह से राज्य में कहीं कर्फ्यू नहीं है. उन्होंने कहा कि श्रीनगर में आम जनता अनुच्छेद 370 समाप्त होने से प्रसन्न है. साथ ही कहा कि अगले तीन से चार महीने में जम्मू कश्मीर में अभूतपूर्व विकास होगा.