श्रीनगर: जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के ‘ब्लैक कैट’ कमांडो को आतंकवाद प्रभावित इस राज्य में तैनात करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि विशेषज्ञता रखने वाले इस बल को बहुत ही नाजुक परिस्थिति में ही इस्तेमाल किया जा सकता है. Also Read - राहुल ने राज्यपाल से पूछा- कश्मीर आने का निमंत्रण बिना शर्त मंजूर, मैं कब आ सकता हूं

Also Read - जम्मू कश्मीर: बुधवार आधी रात से लागू हो जाएगा राष्ट्रपति शासन, केंद्र लेगा नीतिगत फैसले

मलिक ने आतंकवाद का मुकाबला करने में असाधारण कार्य करने को लेकर राज्य पुलिस, सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की सराहना की. हालांकि, उन्होंने आतंकवाद रोधी अभियानों में एनएसजी की तैनाती के लिए कोई कदम उठाए जाने से इनकार किया. Also Read - जम्‍मू कश्‍मीर: विधानसभा भंग करने पर बोले राज्‍यपाल, सरकारें व्‍हाट्सएप पर नहीं बनती, मैंने केंद्र की बात नहीं मानी

मलिक ने हाल ही एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘यह पूरी तरह से गलत है. एनएसजी प्रमुख हाल ही में मुझसे मिले थे. …मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि ऐसी परिस्थिति नहीं आएगी जब हमें इस विशेषज्ञ बल की जरूरत पड़े, लेकिन बहुत ही नाजुक परिस्थिति में हम उनसे अनुरोध कर सकते हैं और वह भी केंद्र से परामर्श करने के बाद.’’

500 रुपए का नोट थमाकर कर दिया लड़की का धर्मांतरण, सरकारी पशु-चिकित्सक गिरफ्तार

दरअसल, उनसे पूछा गया था कि क्या एनएसजी को तैनात करने के लिए कोई कदम उठाया गया है और क्या केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचारार्थ है. इसके अलावा, यह पूछे जाने पर कि कुछ एनएसजी कमांडो कश्मीर घाटी में प्रशिक्षण और अन्य उद्देश्यों के लिए तैनात हैं, इस पर उन्होंने कहा, ‘‘ वे प्रशिक्षण लेने के लिए और पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करने आए हैं, लेकिन अब तक आतंकवाद रोधी गतिविधियों में उनकी कोई भागीदारी नहीं है.’’

क्या 90 के बाद पैदा होने वालों को जो पता चला वैसे ही थे एनडी तिवारी, या नोएडा के ‘जनक’ एक ‘पीएम इन वेटिंग’ विकास पुरुष!

इस साल 23 अगस्त को जम्मू कश्मीर के राज्यपाल का पदभार संभालने वाले मलिक ने जम्मू कश्मीर पुलिस की कड़ी मेहनत के बारे में कहा, ‘‘शहरी स्थानीय निकाय के ताजा चुनाव को देखिए. एक परिंदा भी पर नहीं मार सका. केंद्रीय नेतृत्व ने मेरी सराहना की लेकिन इसका श्रेय निश्चित तौर पर राज्य पुलिस को जाता है.’’

कर्नाटक : गोकर्ण के महाबलेश्‍वर मंदिर में ड्रेस कोड, जींस, हैट, पैंट पहन कर प्रवेश नहीं कर सकेंगे श्रद्धालु

गौरतलब है कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने तेलंगाना में एनएसजी के एक हालिया कार्यक्रम में कहा था कि देश नयी सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है. ऐसे में सरकार बल की भूमिका विस्तारित करने की योजना बना रही है क्योंकि ये कमांडो उन अभियानों में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं जहां आतंकवादी असैन्य परिसरों में घुस जाते हैं और लोगों का इस्तेमाल कवच के तौर पर करते हैं. ‘ब्लैककैट कमांडो’ को 2008 के मुंबई आतंकी हमले, 2016 में पठानकोट एयर बेस हमले और गुजरात में अक्षरधाम मंदिर पर हुए आतंकी हमले के दौरान आतंकवादियों से निपटने के लिए तैनात किया गया था.