नई दिल्ली। कश्मीर के बडगाम में एक कश्मीरी युवक को जीप के बोनट पर बांधकर ले जाने वाले मेजर नितिन गोगोई को खुद आर्मी चीफ जनरल विपिन रावत ने सम्मानित कर साफ कर दिया कि पत्थरबाजों के लिए सेना का रुख और सख्त होने जा रहा है. हालांकि, इसे लेकर राज्य की पुलिस का रुख सेना से इतर है. पुलिस ने साफ कर दिया है कि मेजर के खिलाफ जांच जारी रहेगी.

जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक मुनीर अहमद खान ने कहा है कि इस मामले में मेजर के खिलाफ केस दर्ज हुआ था और जांच चलती रहेगी. राइजिंग कश्मीर से बातचीत में आईजीपी मुनीर खान ने कहा कि मामले की जांच पहले की तरह चलती रहेगी चाहे इसका नतीजा कुछ भी रहे. बेशक सेना ने उन्हें सम्मान से नवाजा है लेकिन हम अपनी जांच जारी रखेंगे.

जानिए पूरा मामला  

दरअसल, 9 अप्रैल की घटना में मेजर गोगोई ने अपनी टीम को पत्थरबाजों से बचने के लिए फारूक अहमद डार को बोनट से बांधकर घुमाया था. युवक को जीप के बोनट से बांधने वाला वीडियो नेशनल कांफ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने शेयर किया था जिसके बाद देशभर में बहस छिड़ गई थी.

बाद में जांच के बाद एक सैन्य अदालत ने जम्मू एवं कश्मीर के बडगाम में नौ अप्रैल को सैन्य बलों पर होने वाली पत्थरबाजी से बचने के लिए एक युवक को जीप से बांधने वाले सैन्य अधिकारी नितिन गोगोई को क्लीन चिट दे दी थी.

उमर ने शेयर किया था वीडियो

दरअसल, नेशनल कांफ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने उस वीडियो के बाद ये वीडियो शेयर किया था जिसमें चुनाव ड्यूटी से लौटे रहे सेना के जवानों पर स्थानीय युवक बदसलूकी और मारपीट कर रहे थे. वीडियो में दिख रहा था कि युवक सेना के जवानों पर मुक्के और लात बरसा रहे थे. लेकिन जवानों ने संयम बरतते हुए किसी तरह की कार्रवाई नहीं की. बाद में पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज किया था.

अब्दुल्ला का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने भी मेजर गोगोई के खिलाफ केस दर्ज किया था जिसकी जांच अभी भी जारी है. हालांकि, सेना अपनी जांच में मेजर को पूरी तरह न सिर्फ क्लीन चिट दे चुकी है बल्कि सम्मान से भी नवाजा है.