जम्मू: जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के पूर्व आतंकवादी जावेद अहमद मीर उर्फ जावेद नलका को 1990 में एक स्क्वॉड्रन लीडर सहित वायुसेना के चार कर्मियों की हत्या करने के मामले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया. हालांकि, बाद में अदालत ने उसे जमानत दे दी. यह जानकारी शुक्रवार को अधिकारियों ने दी.

अधिकारी ने बताया कि बुधवार को मीर की गिरफ्तारी की गई और उसी दिन उसे सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया जहां से उसे जमानत मिल गई. मीर 1980 के दशक में आतंकवाद से जुड़ने से पहले कश्मीर में जलकल विभाग में कार्य करता था और वहीं से उसके नाम के साथ ‘नलका’ जुड़ा.

अधिकारी के मुताबिक 25 जनवरी 1990 को श्रीनगर के रावलपोरा में हुए आतंकी हमले में स्क्वॉड्रन लीडर रवि खन्ना सहित वायुसेना के चार कर्मी शहीद हो गए थे और एक महिला सहित करीब 40 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. मीर का नाम जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक सहित अन्य के साथ आरोपी के रूप में दर्ज है. मलिक अभी न्यायिक हिरासत में हैं.

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मलिक, मीर और चार अन्य के खिलाफ मामले में जम्मू की आतंकवाद निरोधी अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था. मलिक के खिलाफ मुकदमा चलाने पर 1995 में जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने रोक लगा दी थी.

वर्ष 2008 में मलिक ने सुरक्षा का हवाला देते हुए मुकदमे को श्रीनगर स्थानांतरित करने के लिए आवदेन दिया. सीबीआई ने इसका विरोध किया जिसे अदालत ने 20 अप्रैल 2009 को खारिज कर दिया. आखिरकार इस साल अप्रैल में उच्च न्यायालय ने मलिक के खिलाफ जम्मू में ही मुकदमा चलाने को मंजूरी दी.

(इनपुट-भाषा)