रामगढ़: झारखंड की एक अदालत ने कोयला चोरी के एक मामले में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के विधायक योगेंद्र प्रसाद महतो और चार अन्य को तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई. रामगढ़ के उपसंभागीय न्यायिक मजिस्ट्रेट आर पी माला ने 2010 के इस मामले में झामुमो विधायक और अन्य को दोषी ठहराया. Also Read - Bihar Assembly Election 2020: महागठबंधन को लगा एक और झटका, बिहार में अकेले चुनाव लड़ेगी हेमंत सोरेन की झामुमो

अदालत ने बुधवार को उन पर पांच पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. अगर दोषी जुर्माने का भुगतान नहीं करते हैं तो उन्हें तीन महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी. Also Read - झारखंड के मंत्री हाजी हुसैन अंसारी का कोरोना संक्रमण से निधन, सीएम सोरेन ने शोक जताया

सजा सुनाए जाने के बाद विधायक के वकील ने इस आधार पर जमानत की प्रार्थना की कि वह आदेश को चुनौती देने के लिए ऊपरी अदालत में अपील दायर करेंगे. Also Read - Jharkhand: शिबू सोरेन और उनकी पत्नी कोरोना पॉजिटिव, CM हेमंत सोरेन का भी किया जाएगा कोविड-19 टेस्ट

न्यायाधीश ने विधायक को एक महीने की अस्थायी जमानत दी और उन्हें नियमित जमानत के लिए अपीलीय अदालत में याचिका दायर करने का निर्देश दिया.

लोक अभियोजक आर बी राय ने यहां कहा कि मामला 2010 में कोयले की चोरी पर महतो और चार अन्य के खिलाफ बोकारो जिले के राजरप्पा थाने में दर्ज किया गया था.