नई दिल्ली: देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी (Jawaharlal Nehru University) हमेशा से किसी न किसी वजह से चर्चा का केंद्र बना रहता है. पिछले कुछ दिनों से जेएनयू के समर्थन में देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन भी हो रहे हैं. हाल ही में हुए यूनिवर्सिटी के अंदर मार पिट के वारदात के बाद देश भर के छात्रों के एक समूह में भारी गुस्सा है. यही नहीं, फीस वृद्धि के कारण भी जेएनयू काफी दिनों से सुर्खियों में है. Also Read - कन्हैया कुमार ने मोदी सरकार पर साधा निशाना, कहा- राजद्रोह के आरोप प्रसाद की तरह नि:शुल्क बांटे जा रहे हैं

इन सब गहमा-गहमी के बीच जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय (जेएनयू) प्रशासन ने मंगलवार को कहा कि कई स्कूलों में नए सेमेस्टर के लिए कक्षाएं शुरू हो गई हैं और परिसर में ‘‘शांति’’ है. हालांकि फीस वृद्धि को लेकर अभी भी छात्रों और शिक्षकों का एक वर्ग कक्षाओं में नहीं आ रहा है. जेएनयू के रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार ने एक बयान में कहा कि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक शाखाओं ने 14 जनवरी को सामान्य तरीके से काम किया और परिसर में भी शांति रही. Also Read - दिल्ली हाई कोर्ट का फरमान: प्रदर्शन के चलते बाधित परीक्षाओं के बारे में जेएनयू करे चर्चा 

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कुमार ने कहा कि छात्रों का पंजीकरण भी बढ़ रहा है. छुट्टियों या ‘असाइनमेंट’ के कारण बाहर गए हुए छात्रों की सुविधा के लिए पंजीकरण की तिथि 15 जनवरी तय कर दी है. हालांकि विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों और शिक्षकों ने फीस वृद्धि को लेकर अपना विरोध और कक्षाओं का बहिष्कार जारी रखा है. एक प्रोफेसर का कहना है कि कक्षाएं नहीं लगीं और स्कूल खाली रहे. जेएनयू छात्र संघ ने छात्रों से अगले फैसले तक पंजीकरण का बहिष्कार जारी रखने और शैक्षणिक गतिविधियां बंद रखने को कहा है.