नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों और शिक्षकों पर हुए हमले में शामिल लोगों की पहचान के लिए पुलिस वीडियो फुटेज और चेहरे पहचानने की प्रणाली का इस्तेमाल कर रही है. सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि पुलिस दोषियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज और चेहरे पहचानने की प्रणाली का इस्तेमाल कर रही है. इस बीच 5 जनवरी को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई हिंसा की जांच के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम JNU पहुंच गई है. वहीं दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पश्चिम) देवेंद्र आर्य ने कहा कि विश्वविद्यालय के किसी भी हिस्से से कोई ताजा घटना सामने नहीं आई है. विश्वविद्यालय के अंदर और बाहर पुलिस की सक्रिय तैनाती जारी है.

इसके अलावा विश्वविद्यालय में हुए हमले को लेकर हिंदू रक्षा दल के दावे की जांच भी पुलिस कर रही है. सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने उस दावे का भी संज्ञान लिया है. गौरतलब है कि जेएनयू परिसर में रविवार रात लाठियों और लोहे की छड़ों से लैस कुछ नकाबपोश लोगों ने परिसर में प्रवेश कर छात्रों तथा शिक्षकों पर हमला कर दिया था और परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था. बाद में प्रशासन को पुलिस को बुलाना पड़ा.

जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष सहित हमले में कम से कम 34 लोग घायल हो गए थे.

(इनपुट भाषा)