नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने तकरीबन तीन साल बाद, भारत विरोधी नारे लगाने के आरोप में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और 9 अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए हैं. शनिवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान अदालत ने 2016 के जेएनयू देशद्रोह मामले में आवश्यक पूर्वानुमति के बगैर आरोपपत्र दायर करने को लेकर दिल्ली पुलिस से सवाल किए. कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि जब तक 124ए में दिल्ली सरकार की अनुमति नहीं आती है, आगे की कार्रवाई नहीं होगी. बिना सरकार की इजाजत के कैसे चार्जशीट दाखिल की गई इस पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से जवाब देने के लिए कहा है. कोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए पुलिस को 10 दिन का वक्त दिया है. दिल्ली पुलिस ने अदालत से कहा कि अनुमति 10 दिन के भीतर ले ली जाएगी. Also Read - दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक रूप से दी 'किसान ट्रैक्टर परेड' की इजाजत, तीन जगहों से निकलेगी रैली

हालांकि इस मामले में दिल्ली सरकार की अनुमति मिलने में परेशानी हो सकती है. अगर दिल्ली सरकार अनुमित नहीं देती है तो दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के पास जा सकती है. दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के लीगल डिपार्टमेंट से बातचीत करके ऊपर के कोर्ट में भी जा सकते है. पुलिस ने जेएनयू परिसर में नौ फरवरी 2016 को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर भारत विरोधी नारे लगाने को लेकर दायर 1200 पन्ने के आरोपपत्र में विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को भी आरोपी बनाया है. Also Read - Farmers Tractor Parade: तो किसानों को नहीं मिली दिल्ली में ट्रैक्टर परेड निकालने की अनुमति? यूनियनों ने पुलिस से मांगी लिखित परमीशन

पुलिस ने दावा किया कि उसके पास अपराध को साबित करने के लिये वीडियो क्लिप है, जिसकी गवाहों के बयानों से पुष्टि हुई है. पुलिस का कहना है कि कुमार जुलूस की अगुवाई कर रहे थे और उन्होंने जेएनयू परिसर में फरवरी 2016 में देश विरोधी नारे लगाए जाने का कथित तौर पर समर्थन किया था. भारत विरोधी नारे लगाने के लिये भीड़ को उकसाने के आरोपों का सामना कर रहे कुमार ने कहा कि आरोपपत्र ‘मोदी सरकार की चौतरफा विफलताओं को छिपाने के लिये ध्यान भटकाने का हथकंडा’ है. Also Read - Republic Day 2021: गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली में लगे पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे, पुलिस सतर्क

उन्होंने कहा, ‘आरोपपत्र राजनीति से प्रेरित है. हालांकि, हम चाहते हैं कि आरोप तय किये जाएं और मामले में तेजी से मुकदमा चलाया जाए ताकि सच सामने आए. हम उन वीडियो को देखना चाहते हैं जिन्हें पुलिस ने सबूत के तौर पर पेश किया है.’ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र संसद भवन पर हमला मामले के दोषी अफजल गुरु की फांसी की बरसी पर विश्वविद्यालय परिसर में नौ फरवरी 2016 को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरन कथित तौर पर भारत विरोधी नारे लगाए जाने के लिये दायर किया गया है. पुलिस ने आरोप लगाया है कि कुमार ने भीड़ को भारत विरोधी नारे लगाने के लिये उकसाया था.