नई दिल्ली: मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ (Ramesh Pokhriyal) ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के छात्रों की मूल मांग मान ली गई है और अब कुलपति एम. जगदीश कुमार (M Jagadesh Kumar) को हटाने की मांग उचित नहीं है. पोखरियाल ने एक साक्षात्कार में कहा कि विश्वविद्यालय में स्थिति अब सामान्य हो रही है.

उन्होंने कहा, ‘जेएनयू के करीब 80 प्रतिशत छात्रों ने अगले सेमेस्टर के लिए पंजीकरण करा लिया है. किसी को भी उन्हें परेशान नहीं करना चाहिए, जो पढ़ना चाहते हैं. अगर हमारे विश्वविद्यालय को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उत्कृष्टता हासिल करनी है तो इन मुद्दों से ऊपर उठना होगा.’ उन्होंने कहा, ‘छात्रावास की फीस बढ़ोतरी को लेकर छात्रों की मूल मांग मान ली गई है. जेएनयू के कुलपति को हटाने की मांग अब उचित नहीं है, किसी को भी हटाना कोई समाधान नहीं है.’

पोखरियाल ने कहा कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) का उद्देश्य किसी की नागरिकता छीनना नहीं है. साथ ही उन्होंने छात्रों से ‘‘ उन लोगों को यह बात समझाने की अपील की, जो मामले पर जनता को गुमराह कर रहे हैं और तुच्छ राजनीति में लिप्त हैं.’’

(इनपुट-भाषा)