नई दिल्ली: जेएनयू में नकाबपोश लोगों के हमले के खिलाफ गुरुवार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों को राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च करने का प्रयास करते समय पुलिस ने रोक दिया और बाद में हिरासत में ले लिया. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय केे कैंपस में 5 जनवरी को हुई हिंसा के बाद कुलपति को हटाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च के दौरान पुलिस लाठीचार्ज से कुछ प्रदर्शनकारी घायल भी हो गए. Also Read - Delhi में 5 राज्‍यों के लोगों की एंट्री पर नियम सख्‍त, प्रवेश करने पर दिखानी होगी Covid-19 की Negative Test Report

पुलिस ने जनपथ पर यातायात रोकने का प्रयास करते हुए भीड़ को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज भी किया. पुलिस ने लाउडस्पीकरों से भीड़ से शांति बरकरार रखने की भी अपील की. जेएनयू कैंपस में हुई हिंसा के बाद कुलपति को हटाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी छात्रों को चोटें आईं हैं. Also Read - अब दिल्ली के स्कूलों में पढ़ाया जाएगा देशभक्ति का पाठ, राष्ट्र का प्रतिबद्ध नागरिक बनाना मकसद

बता दें कक छात्रों के राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ने का प्रयास करने से पहले, जेएनयू छात्र संघ और जेएनयू शिक्षक संघ ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात कर कुलपति एम जगदीश कुमार को पद से हटाने की भी मांग की है.

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. वे कैंपस में 5 जनवरी को हुई हिंसा के बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलपति को हटाने की मांग करते हुए राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च कर रहे थे.

स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर आरएस कृष्णिया और दो डीसीपी नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में सुरक्षा उपायों का जायजा लिया और उत्‍तर-दक्षिण ब्लॉकों के पास सुरक्षा कर्मियों की एहतियाती तैनाती की गई, क्योंकि जेएनयू के छात्र राहास्त्रपति भवन की ओर मार्च कर रहे थे.

कुलपति को हटाने पर कोई समझौता नहीं : जेएनयूएसयू अध्यक्ष 
जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने गुरुवार को कहा कि जब तक विश्वविद्यालय के कुलपति (वीसी) एम जगदीश कुमार को हटाया नहीं जाता तब तक छात्र और संकाय नरम नहीं पड़ेंगे. मानव संसाधन विकास (एचआरडी) अधिकारियों से मुलाकात के बाद उन्होंने यह टिप्पणी की.

एचआरडी मंत्रालय से कोई समझौता नहीं
घोष ने कहा कि उन्होंने मानव संसाधन विकास मंत्रालय से कुलपति को हटाने का अनुरोध किया है जिस पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में शुक्रवार को बातचीत होगी. उन्होंने कहा, वीसी को हटाने के मुद्दे पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय से कोई समझौता नहीं होगा। वह अब भी यही सोच रहा है कि वीसी को हटाया जाना चाहिए या नहीं.