भारत के खिलाफ नारेबाजी और अफजल गुरु को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर 9 फरवरी को दिल्ली के JNU में देश विरोधी नारेबाजी हुई थी। इस मामले को लेकर जमकर राजनीती और इस करतूत का पुरे देश में विरोध हुआ था। लेकिन कौन देशविरोधी नारेबाजी कर रहा था इस बात की जांच करने के लिए 5 मेंबर्स वाली जेएनयू की इस कमेटी का गठन किया गया था। इस जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट को सौंपा है। जिसमें 21 लोगों के नाम को सौपा हैं।


एक हिंदी वेबसाइट और ANI की खबर की माने तो इस कमेटी ने 21 स्टूडेंट्स के नाम सौपनें हैं। इस 21 लोगों में उमर खालिद, कन्हैया और अनिर्बान भट्टाचार्य का नाम शामिल बताया जा रहा है। इस खबर के बाद माना जा रहा है की यूनिवर्सिटी एडमिस्ट्रेशन शुक्रवार की खबर को इन स्टूडेंट्स को कारण बताओ नोटिस देगा। आप को बता दें की इस नारेबाजी के बाद देश में जमकर राजनीती हुई और उसे एक मुद्दा बनाकर विरोधी पार्टियों ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला किया था। यह भी पढ़ें : JNU विवाद : उमर खालिद खालिद है मास्टर माइंड, कन्हैया ने पुलिस से कहा

कुछ दिनों पहले ही कन्हैया पर JNU में एक छात्र ने हमला भी किया था। फिलहाल इस मामले पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नही आई है। एक तरफ जहां पर कन्हैया जेल से जमानत पर छूट के बाहर निकला है वहीं उमर खालिद ओपर अनिबार्न अभी भी जेल में हैं। वहीं इनके खिलाफ JNU को कई अलग अलग पोस्टर भी लग रहें हैं। फिलहाल इस रिपोर्ट के बाद अब देखना होगा की राजनीती का क्या रंग बदलता है किस तरह की सियासत नेता जी खेलतें हैं।