राजधानी दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में दो महीना पहले अफ़ज़ल गुरु की बरसी पर कार्यक्रम का आयोजन करने वाले छात्र उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उमर खालिद और अनिर्बान को विश्वविद्यालय से निष्कासित किया जा सकता है।

ख़बरों के अनुसार जेएनयू प्रशासन इन दो छात्रों को दो से पांच साल तक के लिए निष्कासित कर सकता है। जबकि जेएनयूएसयू के अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लग सकता है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मामले में जांच के लिए बनाई गई पांच सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में कन्हैया सहित 21 छात्रों को दोषी माना है। यह रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

पुलिस के अनुसार खालिद व अनिर्बान नौ फरवरी को जेएनयू परिसर में विवादित कार्यक्रम के आयोजकों में थे, जहां राष्ट्रविरोधी नारे लगाए गए थे। पुलिस ने कहा कि कन्हैया कार्यक्रम का आयोजक नहीं था। दोनों को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली की एक अदालत ने दोनों को 25-25 हजार रुपये का निजी मुचलके पर दोनों को ज़मानत दी थी।

दोनों छात्रों ने पिछले महीने पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया था।

कन्हैया की 12 फरवरी की गिरफ्तारी के तुरंत बाद वसंत कुंज पुलिस थाने में खालिद व भट्टाचार्य के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज कराया गया था।