जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को बुधवार को भी जमानत नहीं मिली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को कन्हैया की याचिका पर सुनवाई 29 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी। दिल्ली पुलिस कन्हैया को रिमांड पर लेना चाहती है, ताकि वह उमर खालिद और अनिर्बन भट्टाचार्य के साथ कन्हैया को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ कर सके। Also Read - कन्हैया कुमार के खिलाफ राजद्रोह मामले में राजनीतिक, कानूनी लड़ाई लड़ेंगे: भाकपा

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इन दोनों ने मंगलवार रात पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। छात्रों पर नौ फरवरी को जेएनयू में आयोजित एक कार्यक्रम में देश विरोधी नारेबाजी करने का आरोप है। Also Read - कन्हैया ने दिल्ली सरकार को कहा धन्यवाद, बोले- केस को अब गंभीरता से लें दिल्ली पुलिस और सरकारी वकील

पुलिस ने न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी के समक्ष बताया कि वे कन्हैया को रिमांड पर लेने के लिए आवेदन दे रहे हैं।

इस पर कन्हैया के वकील कपिल सिब्बल और रेबेका जॉन ने न्यायालय से कहा कि वे पुलिस रिमांड आवेदन का विरोध करेंगे।

इसके बाद न्यायालय ने मामले की सुनवाई 29 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी।

पुलिस ने कहा कि उमर और अनिर्बन ने मंगलवार रात आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित हिरासत में ले लिया गया। अब उन्हें कन्हैया को पुलिस हिरासत में लेने की जरूरत है।

कन्हैया दो मार्च तक न्यायिक हिरासत में हैं।