नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को दिल्ली सरकार से जेएनयू देशद्रोह मामले में छात्र नेता कन्हैया कुमार और अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति लंबित रहने के मामले पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया. अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी पुरुषोत्तम पाठक ने दिल्ली पुलिस से सरकार को एक रिमांइडर भी भेजने के लिए कहा. Also Read - दिल्ली में कोविड स्थिति को लेकर CM केजरीवाल की बैठक, बोले- 'ऑक्सीजन और रेमेडिसवीर की कमी, बहुत तेजी से घट रहे ICU बेड'

न्यायाधीश ने कहा कि एक नई सरकार का गठन हुआ है. उन्हें रिमाइंडर भेजिए. अदालत ने मामले की सुनवाई तीन अप्रैल के लिए मुकर्रर कर दी. इससे पहले की सुनवाई में, अरविंद केजरीवाल नीत सरकार ने कोर्ट को सूचित किया था कि मुकदमा चलाने की अनुमति देने को लेकर कोई निर्णय नहीं दिया गया है. सरकार के जवाब से यह भी पता चला था कि मामले से संबंधित फाइल दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन के पास लंबित है, जो गृह विभाग भी संभाल रहे थे. Also Read - दिल्ली सरकार ने बेहतर कोविड प्रबंधन के लिए प्राइवेट अस्पतालों में तैनात किए नौकरशाह

जेएनयू परिसर में लगे थे देश विरोधी नारे
नौ फरवरी, 2016 को 2002 संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी की सजा दिए जाने की बरसी पर जेएनयू परिसर में देश विरोधी नारे लगे थे. दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 1200 पन्नों का आरोपपत्र दाखिर किया था और कन्हैया कुमार, उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य और सात अन्य कश्मीरी छात्रों को मुख्य आरोपी बनाया था. (इनपुट एजेंसी) Also Read - Delhi Curfew 17 April 2021: दिल्ली में 56 घंटे का कर्फ्यू जारी, जान लीजिए ये बेहद जरूरी बातें...