नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने 2016 के देशद्रोह मामले में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और अन्य पर मुकदमा चलाने की मंजूरी हासिल करने के लिए दिल्ली पुलिस को बुधवार को 28 फरवरी तक का समय दिया. अदालत ने पुलिस ने कहा कि वह संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द मंजूरी देने को कहें. पुलिस ने अदालत को बताया कि मंजूरी दिल्ली सरकार की ओर से लंबित है और कुछ ही दिनों में हासिल कर ली जाएगी. इस पर अदालत ने कहा, अधिकारी लंबे समय तक फाइल अटका कर नहीं रख सकते.Also Read - कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी 28 सितम्बर को कांग्रेस में हो सकते हैं शामिल, हार्दिक पटेल कर रहे मध्यस्थता

अदालत ने इससे पहले दिल्ली पुलिस से इजाजत हासिल किए बिना कुमार और अन्य के खिलाफ आरोप-पत्र दायर करने को लेकर सवाल किए थे और उन्हें छह फरवरी तक का समय दिया था. पुलिस ने 14 जनवरी को कुमार एवं जेएनयू के पूर्व छात्रों-उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य के खिलाफ शहर की एक अदालत में आरोप-पत्र दायर किया था. इसमें कहा गया था कि कुमार ने संसद पर हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु की फांसी की बरसी पर विश्वविद्यालय में नौ फरवरी 2016 को रखे गए एक कार्यक्रम के दौरान सभा की अगुवाई की थी और उसने देश विरोधी नारेबाजी का समर्थन किया था. Also Read - Terror Module: महाराष्‍ट्र ATS- मुंबई पुलिस ने आतंकी मॉड्यूल से जुड़े एक व्‍यक्ति को मुंबई में हिरासत में लिया

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जनवरी में कहा था कि दिल्ली सरकार का विधि विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि देशद्रोह के एक मामले में पूर्व जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दी जाए अथवा नहीं. आप के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार जेएनयू देशद्रोह मामले में अभियोग चलाने की मंजूरी देने के संबंध में कानूनी राय ले रही है. दिल्ली सरकार के सूत्रों ने बताया था कि मुकदमा चलाने की मंजूरी के लिए अदालत द्वारा तय नियमों का पालन किया जाएगा. पुलिस ने 14 जनवरी को अदालत में आरोपपत्र दायर करते हुए कहा था कि सरकार ने अभी मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं दी है. Also Read - जानवरों के तबेले में बांधकर महिला से रात भर किया गैंगरेप, अगले दिन हालत देखकर दंग रह गई पुलिस