नई दिल्ली: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में गत 16 जनवरी को राष्ट्रविरोधी भाषण देने के आरोप में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र शरजील इमाम को बिहार के जहानाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया है. पिछले कई दिनों से कई राज्यों की पुलिस शरजील की तलाश में थी. शरजील पर देशद्रोह का आरोप है. बिहार के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय ने यह जानकारी दी.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पीएचडी छात्र शरजील की उत्तर प्रदेश, असम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश और दिल्ली समेत अनेक राज्यों की पुलिस तलाश कर रही थी. पांडेय ने कहा, ‘‘शरजील इमाम को जहानाबाद में उसके पैतृक गांव काको से गिरफ्तार किया गया है.’’ इससे पहले आज दिन में शरजील की तलाश में पुलिस ने उसके भाई को पकड़ा था. पुलिस ने रविवार को उसके पैतृक घर पर भी छापे मारे थे लेकिन इमाम नहीं मिला था. पकड़े जाने के बाद पुलिस ने शरजील को जहानाबाद अदालत के सामने पेश किया. जिसके बाद जहानाबाद कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के लिए शारजील इमाम की ट्रांजिट रिमांड की मंजूरी दे दी.

आईआईटी मुंबई से कम्प्यूटर साइंस में स्नातक इमाम जेएनयू के इतिहास अध्ययन केंद्र से पीएचडी करने के लिए दिल्ली चला गया था. सोशल मीडिया पर उसके कथित भड़काऊ भाषण का वीडियो वायरल होने के बाद उस पर मामला दर्ज किया गया था. कथित वीडियो में उसे असम और पूर्वोत्तर को शेष भारत से काटने की बात करते सुना गया था.

उसे वीडियो में कहते सुना गया, ‘‘अगर पांच लाख लोग संगठित हो जाएं तो हम पूर्वोत्तर और भारत को स्थाई तौर पर काट सकते हैं. अगर ऐसा नहीं तो कम से कम एक महीने या आधे महीने के लिए ही सही. रेल पटरियों और सड़कों पर इतना मवाद डाल दो कि वायु सेना को इसे साफ करने में एक महीना लग जाए.’’

शरजील वीडियो में कह रहा है, ‘‘असम को (शेष भारत से) काटना हमारी जिम्मेदारी है, तभी वे (सरकार) हमारी बात सुनेंगे. हम असम में मुसलमानों की स्थिति जानते हैं. उन्हें डिटेंशन कैंपों में रखा जा रहा है.’’ इस बीच इमाम की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि लोगों को प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन कोई देश के टुकड़े करने की बात नहीं कर सकता. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि पुलिस को इमाम को गिरफ्तार करने में कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए और अब अदालतें उचित कार्रवाई करेगी.