नई दिल्लीः जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रसंघ चुनाव समिति ने शुक्रवार को यूनिवर्सिटी के डीन पर पहले चरण के मतदान के दौरान मतदान केंद्र में प्रवेश कर चुनाव प्रक्रिया में दखल देने का आरोप लगाया. इस छात्र संघ चुनाव में विभिन्न पदों के लिए 14 उम्मीदवार मैदान में हैं. मतदान दो चरणों में- सुबह 9:30 से 1 बजे तक और दोपहर 2:30 से शाम 5:30 बजे तक कराया जाएगा. मतगणना रात 9 बजे शुरू होगी और परिणाम रविवार को घोषित होने की संभावना है.

इतिहास रचने जा रहा भारत, चांद पर देर रात उतरेगा ‘विक्रम’, पीएम मोदी स्कूली बच्चों संग देखेंगे Live लैंडिंग

चुनाव समिति के अध्यक्ष शशांक पटेल ने कहा, ‘‘शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष जो विश्वविद्यालय के डीन हैं, उन्होंने मतदान केंद्र के अंदर जाकर चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से उच्च न्यायालय के एक आदेश का स्पष्ट उल्लंघन है. हालांकि उन्होंने, उल्लंघन पर चुनाव समिति की कार्रवाई पर टिप्पणी नहीं की.

लंबी बीमारी के बाद एक्टर राजकुमार राव के पिता का मेदांता हॉस्पिटल में निधन

जब इस मुद्दे पर डीन से संपर्क करके बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने इस संबंध में कुछ भी कहने से मना कर दिया. मतदान जारी रहने के बीच विभिन्न राजनीतिक संगठनों के समर्थक मतदान केंद्रों के बाहर इकट्टा होकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते देखे गए.

रूस में PM मोदी की सादगी: सोफे पर बैठने से किया इंकार, सबका साथ देने को मंगाई साधारण कुर्सी, VIDEO

अध्यक्ष पद के लिए किस्मत आजमा रहीं एसएफआई की आइशी घोष ने कहा, ‘‘हमें सभी चार पदों पर कब्जा बरकरार रहने का भरोसा है. बाहर लोग कुछ भी कह सकते हैं लेकिन जेएनयू के लोग पूरे विवेक से उस सोच को देख पा रहे हैं जिसे विकास के नाम पर देश में थोपा जा रहा है.’’ आइशी को वाम दलों के छात्र संगठनों के संयुक्त उम्मीदवार के तौर पर उतारा गया है. निर्वाचन दल के एक सदस्य ने कहा, ‘‘चुनाव अधिकारियों ने मतदान के लिए सभी बंदोबस्त किये हैं जिसमें 8700 छात्र मतपत्रों से अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं.’’ ‘जय भीम’, ‘लाल सलाम’, ‘वंदे मातरम’ के नारों के बीच बुधवार देर रात जेएनयू परिसर में ‘प्रेसीडेंशियल डिबेट’ का आयोजन किया गया था.