नई दिल्ली: पिछले कुछ महीनों से देश भर में विरोध प्रदर्शन का माहौल बना हुआ है. जामिया हादसे से शुरू हुआ यह प्रदर्शन जेएनयू समेत कई यूनिवर्सिटी में सांसें ले रहा है. जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के परिसर में नकाबपोशों द्वारा छात्रों और शिक्षकों को मारने की वारदात सामने आई थी. हालांकि पुलिस की स्पेशल टीम इस मामले की जांच में लगी है मगर  हिंसा के करीब एक पखवाड़े बाद विश्वविद्यालय के छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष (Aishe Ghosh) ने सोमवार को आरोप लगाया कि एबीवीपी सदस्यों ने एक छात्र को पीटा. हालांकि, आरएसएस से संबद्ध छात्र संगठन ने इस आरोप से इनकार किया है.

जेएनयूएसयू अध्यक्ष आइशी घोष ने फेसबुक पर लिखा, “जेएनयू में हमला हुए 14 दिन बीत गए हैं. कोई गिरफ्तारी नहीं हुई. लेकिन हां, देखिए क्या हो रहा है. आज विश्वविद्यालय के एक छात्र को फिर एबीवीपी से जुड़े छात्रों ने पीटा. वे उसे मारने के लिए नर्मदा छात्रवास के उसके कमरे में घुस गए.” उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं चल सकता. सीनियर वार्डन, प्रॉक्टर को इन गुंडे के खिलाफ तत्काल कदम उठाना चाहिए.”

दूसरी ओर एबीवीपी ने दावा किया, “बीए द्वितीय वर्ष के छात्रों के साथ रैगिंग की एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना को रैगिंग के आरोपी व्यक्ति के साथ एबीवीपी की हिंसा के रूप में दिखाया जा रहा है.” सूत्रों के मुताबिक नर्मदा छात्रावास के रहने वाले राघिब अकरम (Ragib Ikram) को कुछ छात्रों ने पीटा. सू्त्रों ने बताया कि इसकी वजह कथित रूप से यह है कि उसने उन्हें नर्मदा छात्रावास (Narmada hostel) के भोजनालय में खाने की अनुमति नहीं दी, क्योंकि वे दूसरे छात्रावास के थे.