नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) छात्र संघ (Students Union) शुक्रवार को मानव संसाधन विकास मंत्रालय (Ministry of Human Resource Development) के बाहर प्रदर्शन करेगा और विश्वविद्यालय का सुगम संचालन बहाल करने के लिए गठित एक समिति की सिफारिशें सार्वजनिक करने की मांग की जाएगी. विश्वविद्यालय के छात्रों ने बताया कि शुक्रवार को यह प्रदर्शन किया जाएगा. गौरतलब है कि एचआरडी मंत्रालय ने विश्वविद्यालय के सामान्य कामकाज को बहाल करने के लिए तीन सदस्यीय एक समिति गठित की थी. इसने अपनी रिपोर्ट मंगलवार को मंत्रालय को सौंप दी.

छात्र संघ का प्रदर्शन इस मांग के लिए हो रहा है कि रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और छात्रावास शुल्क वृद्धि (Fee increase) पूरी तरह से वापस ली जाए. छात्रों ने छात्रावास शुल्क वृद्धि के खिलाफ महीने भर प्रदर्शन किया. छात्रों का कहना है कि उनके महीने भर के प्रदर्शन से उन्हें हुए अकादमिक नुकसान के लिये विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेदार है और इसलिए सेमेस्टर बढ़ाया जाना चाहिए. उन्होंने कुलपति एम जगदीश कुमार को हटाने की भी मांग की.

गौरतलब है कि बीते दिनों जेएनयू छात्र संघ ने फीस वृद्धि को लेकर संसद मार्च निकाला था. इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प भी हुई, पुलिस ने बेरसराय में बैरिकेडिंग कर इस मार्च को रोक लिया. इस दौरान कई छात्र गंभीर रूप से घायल भी हुए थे. इस मामले में छात्रों ने जेएनयू प्रशासन पर आरोप लगाया कि जब फीस वृद्धि करने को लेकर मीटिंग की गई तो छात्रसंघ को उसमें शामिल क्यों नहीं किया गया. बता दें कि जेएनयू में 40 प्रतिशत गरीबी रेखा के नीचे आने वाले परिवार से ताल्लुक रखते हैं. ऐसे में फीस वृद्धि होने की वजह से उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही रोकनी पड़ सकती है.

(इनपुट-भाषा)