जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र उमर खालिद और अनिरबन भट्टाचार्य ने राष्ट्रविरोधी नारे लगाने की बात से इनकार किया है। उन पर परिसर में कथित रूप से देश के खिलाफ नारे लगाने का आरोप है। पुलिस ने उन छात्रों से पांच घंटों तक पूछताछ की है। पुलिस सूत्रों से यह जानकारी मिली है। खालिद और भट्टाचार्य ने मंगलवार देर रात पुलिस के सामने समर्पण कर दिया। वहीं, आशुतोष कुमार, रामा नागा और अनंत प्रकाश नारायण पर भी यही आरोप हैं और उन्होंने अभी तक समर्पण नहीं किया है। Also Read - जेएनयू का चरित्र बदलने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे: केंद्र सरकार

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सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में छात्रों ने पुलिस को बताया कि कार्यक्रम अव्यवस्थित था और बिना अनुमति के किया गया और हो सकता है कि भीड़ में किसी ने अलगाववाद के समर्थन में नारे लगाए हों। Also Read - राजद्रोह मामले पर कन्हैया कुमार का बयान- फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो सुनवाई

मामले की जांच से जुड़े एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर आईएएनएस को बताया, “आशुतोष ने कार्यक्रम के लिए पोस्टर और बैनर का इंतजाम किया था, जबकि रियाज ने फैसला किया कि कार्यक्रम के दौरान नारेबाजी की जाए। एक महिला कार्यकर्ता ने आयोजन का सोशल मीडिया और नेटवर्क पर प्रबंधन किया।”

रियाज उन तीन युवकों में से एक है, जिनके लिए दिल्ली पुलिस ने पिछले हफ्ते हवाईअड्डों पर लुक आउट नोटिस जारी किया था।