नई दिल्ली: पिछले कुछ महीनों से अलग अलग कारणों के चलते देश की राजधानी में स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी सुर्खियों में रहा है. नागरिकता विधेयक से लेकर फीस वृद्धि तक के मुद्दे पर विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन हुए हैं. इस प्रदर्शन का असर यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं पर भी पड़ा है. इसी के मद्देनज़र दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) को छात्रों के आंदोलन के चलते बाधित हुई मानसून सेमेस्टर की कक्षाएं पूरी करने और परीक्षाओं के आयोजन के विषयों पर अपनी अकादमिक परिषद के साथ चर्चा करने को कहा. Also Read - दिल्ली में हाईकोर्ट, जिला अदालतों में 23 अप्रैल तक डिजिटल सुनवाई

दरअसल, ये कक्षाएं परिसर में छात्रों के आंदोलन के चलते बाधित हुई थी.न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने विश्वविद्यालय को कक्षाएं पूरी करने और परीक्षाओं के आयोजन के विषय पर उसके विभिन्न अध्ययन केंद्रों एवं विशेष केंद्रों के अध्ययन बोर्डों की सिफारिशें अकादमिक परिषद के समक्ष रखने का निर्देश दिया.न्यायमूर्ति शकधर ने कहा कि अध्ययन बोर्डों की सिफारिशों पर गौर करने के बाद अकादमिक परिषद द्वारा लिये जाने वाले निर्णय सात फरवरी को अदालत की रजिस्ट्री के सामने पेश किये जाएं. Also Read - चुनावी रैलियों में मास्क जरूरी क्यों नहीं? कोरोना गाइडलाइंस की अनदेखी पर हाईकोर्ट नाराज, केंद्र और EC से मांगा जवाब

अदालत ने कहा कि अध्ययन बोर्डों की सिफारिशें उसके सामने भी पेश की जाए.अदालत कुछ विद्यार्थियों एवं प्रोफेसरों की अर्जियों पर सुनवाई कर रही है, जिन्होंने मानसून सत्र के लिए ऑनलाइन ओपन बुक और घर से परीक्षा देने के जेएनयू के फैसले को चुनौती दी है. Also Read - दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला- कार में अकेले हैं फिर भी लगाना होगा मास्क, वाहन को पब्लिक प्लेस ही माना जाएगा

इनपुट- भाषा