नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) का 46 साल बाद अगले महीने अपना दूसरा दीक्षांत समारोह आयोजित करने जा रहा है. बता दें कि इससे पहले विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह 1972 में हुआ था. तब जी पार्थसारथी विश्वविद्यालय के कुलपति थे. पीएचडी शोधार्थियों को डिग्री प्रदान करने के लिए तकरीबन 46 साल बाद अगले महीने अगस्त में अपना दूसरा दीक्षांत समारोह आयोजित करेगा. विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी की गई अधिसूचना में कहा गया है कि दूसरा दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के कन्वेंशन सेंटर में 8 अगस्त को आयोजित होगा. Also Read - दिल्ली दंगों को लेकर पुलिस ने JNU के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद से की पूछताछ, मोबाइल फोन भी जब्‍त

अधिसूचना में कहा गया है, ”सभी शोधार्थी जिन्होंने एक जनवरी 2017 और 30 जून 2018 के बीच पीएचडी डिग्री के लिए शर्तें पूरी कर दी हैं, वो दीक्षांत समारोह में पीएचडी की डिग्री पाने के लिये योग्यता रखते हैं.” Also Read - NIRF India Rankings 2020: एनआईआरएफ रैंकिंग के टॉपटेन संस्थानों में जेएनयू, जामिया शामिल, डीयू को मिला 11वां स्थान, पढ़ें डिटेल्स

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय भारत के सबसे बड़े विश्वविद्यालयों में से एक है और शिक्षण और शोध के लिए एक विश्व स्तरीय प्रसिद्ध केंद्र है. राष्ट्रीय आकलन और मान्यता परिषद (एनएएसी) द्वारा  जेएनयू को राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क में भारत में नंबर एक स्थान पर और 2016 में भारत सरकार द्वारा भारत के सभी विश्वविद्यालयों में नंबर 3 स्थान दिया गया था और 2017 में दूसेर नंबर पर रखा गया था. जेएनयू को 2017 में भारत के राष्ट्रपति से सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय पुरस्कार भी मिला. बता दें कि1966 में संसद के एक अधिनियम द्वारा स्थापित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी.

(इनपुट- एजेंसी)