अहमदाबाद: जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय (जेएनयू) हिंसा के खिलाफ मंगलवार को यहां आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और उसके प्रतिद्वंद्वी नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन आफ इंडिया (एनएसयूआई) के सदस्यों के बीच झड़प हो गई जिसमें 10 से अधिक व्यक्ति घायल हो गए. घटना कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई की ओर से शहर के पालडी क्षेत्र में आरएसएस से सम्बद्ध एबीवीपी कार्यालय के बाहर आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान हुई.

एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस बाद में मौके पर पहुंची और स्थिति नियंत्रित की. दोनों छात्र इकाइयों ने आरोप लगाया कि उन पर डंडों से हमला किया गया और पथराव किया गया. दोनों संगठनों ने दोनों ओर से पांच-पांच सदस्यों के घायल होने का दावा किया है. कांग्रेस की छात्र इकाई के एक सदस्य ने बताया कि गुजरात एनएसयूआई महासचिव निखिल सवानी को सिर में गंभीर चोट आयी है और उन्हें यहां वी एस जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कुछ स्थानीय टेलीविजन चैनलों द्वारा एक वीडियो क्लिप प्रसारित किया गया जिसमें कुछ व्यक्ति पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में सवानी को कथित तौर पर पीटते दिख रहे हैं. सवानी कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल के निकट सहयोगी हैं.

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘स्थिति को अब नियंत्रित कर लिया गया है. फिलहाल कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है.’’ यहां हिंसा तब भड़की जब एनएसयूआई के सदस्य दिल्ली स्थित जेएनयू परिसर में रविवार को छात्रों और शिक्षकों पर हमले के खिलाफ प्रदर्शन के लिए एबीवीपी कार्यालय के बाहर पहुंचे. एनएसयूआई आरोप लगा रही है कि जेएनयू हमले में एबीवीपी शामिल है. एनएसयूआई महासचिव भाविक सोलंकी ने कहा, ‘‘हमारा प्रदर्शन शांतिपूर्ण था. एबीवीपी के गुंडों ने हम पर अचानक डंडों, पत्थर और पाइपों से हमला कर दिया. यह हमला पुलिस की मौजूदगी में किया गया और यह पूर्व नियोजित था. सवानी सहित हमारे पांच सदस्य हमले में घायल हुए हैं.’’

एबीवीपी ने आरोप लगाया कि एनएसयूआई के सदस्य उसके कार्यकर्ताओं पर हमले के इरादे से उसके कार्यालय आए थे. एबीवीपी सदस्य नरेश देसाई ने कहा, ‘‘एनएसयूआई सदस्य अपने झंडे लहराते हुए हमारे कार्यालय तक आए. उन्होंने झंडे निकाल लिए और उसके डंडे का इस्तेमाल हमारे सदस्यों पर हमला करने के लिए किया.’’ उन्होंने कहा कि इस घटना में उनके पांच से अधिक सदस्य घायल हुए हैं. उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘जैसे जेएनयू में एबीवीपी के सदस्यों पर हमला किया गया, एनएसयूआई के असामाजिक तत्वों ने यहां हम पर एक पूर्व नियोजित तरीके से हमला किया.’’