मुम्बईः जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने शनिवार को कहा कि यदि समाज ने अनुच्छेद 370 हटाये जाने के खिलाफ आवाज उठायी होती, तो ‘आज हमें यह दिन नहीं देखना पड़ता.’’ दिल्ली में पांच जनवरी को जेएनयू परिसर में नकाबपोश हमलावरों द्वारा विद्यार्थियों पर किये गये हमले में घायल हुईं घोष ने यहां ‘मुम्बई कलेक्टिव’ में एक परिचर्चा में यह कहा.Also Read - JNU Rape Case: जेएनयू में MCA की छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, नौकरी मांगने के बहाने करता था बात

उन्होंने देश की वर्तमान स्थिति की चर्चा करते हुए कहा, ‘‘हमारे संविधान पर पहला हमला तब किया गया जब कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाया गया. यदि हमने आवाज उठायी होती हो तो हमें यह दिन नहीं नहीं देखने पड़ते.’’ जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को अगस्त में निरस्त कर दिया गया था और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांट दिया गया था. Also Read - पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक ट्वीट करने पर गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवानी को असम पुलिस ने किया गिरफ्तार

निर्भया मामला: दोषियों की फांसी पर रोक के खिलाफ केंद्र सरकार, याचिका पर आज सुनवाई करेगी अदालAlso Read - जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के गेट और बाउंड्री पर लहराए भगवा झंडे, बोर्ड पर लिखा गया 'भगवा JNU'

घोष ने कहा, ‘‘ यह सिर्फ विद्यार्थियों की लड़ाई नहीं है, वे अकेले इसे समाप्त नहीं कर सकते. उन्हें उम्मीद है कि समाज का हर वर्ग उठेगा और मिल कर लड़ेगा.’’ उन्होंने कहा कि समाज के हर तबके को सरकार के इस प्रकार के कामों का विरोध करना चाहिए. आईशी ने कहा कि सरकार लगातार हमारे देश के साथ खिलवाड़ कर रही है और कुछ लोग उसका साथ दे रहे हैं हमें डटकर देश विरोधी कामों का विरोध करना पड़ेगा.