नई दिल्ली: जेएनयू छात्रसंघ (JNUSU) चुनावों में मतों की गिनती को निर्वाचन अधिकारियों ने मतगणना स्थल पर ‘‘जबरन प्रवेश’’ और ‘‘मतपेटियों को छीनने के प्रयासों’’ का हवाला देकर शनिवार को स्थगित कर दिया. इससे पहले मतगणना प्रक्रिया के शुरू होने की जानकारी न मिलने का दावा करते हुए एबीवीपी ने प्रदर्शन किया.

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने चुनाव अधिकारियों पर वामपंथी संगठनों के साथ पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए अदालत जाने की धमकी दी. इसके बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में गतिरोध 12 घंटे से बरकरार है.

वामपंथी संगठनों ने आरोप लगाया कि एबीवीपी कार्यकर्ता हिंसा में शामिल थे. हालांकि भगवा संगठन ने इससे इनकार किया है. मतगणना प्रक्रिया की जानकारी नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए एबीवीपी सदस्यों ने शनिवार सुबह विरोध जताया जिसके बाद मतगणना स्थगित कर दी गई. चुनाव समिति ने एक बयान जारी कर कहा कि उसने मतगणना एजेंटों के आने के लिये घोषणा की थी और नियमों का पालन किया गया.

जेएनयू चुनाव समिति के मुताबिक, ‘‘14 सितंबर को रात 10 बजे शुरू हुई मतगणना प्रक्रिया को मतगणना स्थल पर जबरन प्रवेश और सीलबंद मत पेटियों एवं मतपत्रों को छीनने की कोशिश के बाद स्थगित कर दिया गया था.’’ इसने कहा, ‘‘सोशल मीडिया और छात्रों के बीच एक दुर्भावनापूर्ण झूठ फैलाया जा रहा है कि निर्वाचन समिति ने तीन बार घोषणा नहीं की तथा सेंट्रल पैनल फॉर कंबाइंड स्कूल्स एंड स्पेशल सेंटर्स के मतगणना एजेंटों के प्रवेश के साथ ही गिनती शुरू कर दी.’’

पीएम मोदी अपने जन्मदिन पर काशीवासियों को देंगे योजनाओं की सौगात

समिति ने कहा कि निर्वाचन समिति स्पष्ट करना चाहती है कि उसने मतगणना शुरू होने के लिये तीन बार घोषणा की और लाउडस्पीकर के जरिये बाहर (मतगणना स्थल के) खड़े छात्रों को भी इसकी जानकारी दी. समिति ने कहा, ‘‘इसके बाद निर्वाचन समिति के सदस्यों ने सुरक्षाकर्मियों को इसके बारे में सूचना दी और उनसे अगर कोई मतगणना एजेंट हो तो उसे बुलाने को कहा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘10 उम्मीदवारों के 14 मतगणना एजेंट मतगणना स्थल पर पहुंचे. इसके बाद मतगणना प्रक्रिया शुरू हुई. मतगणना एजेंटों की मौजूदगी में सील बक्सों को खोला गया.’’

अखिलेश यादव का दावा, उप्र में सपा-बसपा के साथ कांग्रेस भी होगी गठबंधन का हिस्सा

तय मानकों के मुताबिक, एक बार बक्सों की सील खुलने के बाद कोई नया मतगणना एजेंट मतगणना स्थल पर नहीं जा सकता. इसमें कहा गया, ‘‘निर्वाचन समिति ने नए मतगणना एजेंटों को उस मतगणना स्थल पर प्रवेश देने के अनुरोध को खारिज कर दिया. कुछ छात्र जबरन इमारत में घुस गए और मतगणना स्थल पर पहुंच गए जिसके बाद हमें मतगणना प्रक्रिया रोकनी पड़ी.’’

ऐसे ही कम होता रहा गंगा नदी में पानी का स्तर तो भोजन के लिए तरसेंगे करोड़ों लोग

संबंधित पक्षों से गतिरोध दूर करने के लिये बातचीत की कोशिश की गई जिससे मतगणना प्रक्रिया शुरू की जा सके.समिति के सदस्यों ने कहा कि उसके सदस्यों (महिला सदस्यों को भी) धमकाया गया. एबीवीपी की जेएनयू इकाई के अध्यक्ष विजय कुमार ने कहा कि अगर उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो वे दिल्ली हाई कोर्ट जाने से भी नहीं हिचकेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘वोटों की गिनती नियमों का पालन किये बिना की जा रही है. निर्वाचन समिति ने चुनाव प्रक्रिया के लिये न्यूनतम जरूरतों का भी पालन नहीं किया.’’