नई दिल्ली: जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में संयुक्त वामपंथी गठबंधन ने सभी सीटों पर जीत हासिल की है. आइसा, एसएफआई, एआईएसएफ और डीएसएफ – के संयुक्त मोर्चा ने जेएनयू छात्र संघ चुनावों में केंद्रीय पैनल के सभी चार पदों पर जीत दर्ज की. यह जानकारी जेएनयू छात्र संघ चुनाव संपन्न कराने के लिए गठित चुनाव समिति ने दी. जेएनयू में शुक्रवार को छात्रसंघ के चार पदों (अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव और संयुक्त सचिव) के लिए मतदान हुआ था. जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष पद पर लेफ्ट के उम्मीदवार एन. साई बालाजी (2161 वोट) की जीत हुई है. उपाध्यक्ष पद पर लेफ्ट की सारिका चौधरी (2692 वोट), महासचिव पद पर लेफ्ट के एजाज अहमद राथेर (2423 वोट) और संयुक्त सचिव पद पर भी लेफ्ट उम्मीदवार अमुथा जयजीप (2047 वोट) की जीत हुई है.

वाम समर्थित ऑल इंडिया स्टूडेंट्स असोसिएशन (आइसा), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), डेमोक्रैटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (डीएसएफ) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) ने इस बार ‘यूनाइटेड लेफ्ट’ गठबंधन के तहत एकसाथ चुनाव लड़ा. वामपंथी छात्र संगठनों के अलावा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) और बिरसा-आंबेडकर-फूले स्‍टूडेंट असोसिएशन (बापसा) के उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में थे.

शनिवार को यहां काफी तमाशा देखने को मिला था जब एबीवीपी ने मतगणना शुरू होने की प्रक्रिया की जानकारी नहीं होने के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया था और मतगणना को 14 घंटे तक के लिए रोक दिया गया था.अधिकारियों ने बताया कि सुबह चार बजे रोकी गई मतगणना शाम साढ़े बजे फिर से शुरू हो गई थी जब शिकायत निवारण प्रकोष्ठ से दो शिक्षकों को प्रक्रिया के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया. शुक्रवार को जेएनयू छात्र संघ के दिलचस्प चुनाव में 67.8 फीसदी मतदान हुआ था जिसे पिछले छह साल में सबसे ज्यादा माना जा रहा है. इसमें 5,000 से ज्यादा छात्रों ने मतदान किया.