नई दिल्लीः बेरोजगारी को लेकर विपक्ष के हमले झेल रही केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में नौकरियों की कोई कमी नहीं है. बल्कि समस्या यह है कि लोग केवल सरकारी नौकरी चाहते हैं. बेराजगारी की वृद्धि दर बढ़ने संबंधी रिपोर्टों को खारिज करते हुए बुधवार को सरकार ने भारत में बेरोजगारी की दर वैश्विक स्तर पर सबसे कम होने का दावा किया.

श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने बुधवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक सवाल के जवाब में बताया कि भारत में असंगठित क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में गिरावट की कोई सूचना नहीं है. उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र में भी पिछले वर्षों में व्यापक पैमाने पर रोजगार के अवसर मुहैया कराए गए हैं. गंगवार ने अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के आंकड़ों के हवाले से बताया कि चीन में बेरोजगारी की वृद्धि दर 4.7 प्रतिशत है और एशिया प्रशांत देशों में यह 4.2 प्रतिशत है. वहीं भारत में बेरोजगारी की वृद्धि दर 3.5 प्रतिशत है.

उन्होंने समूह-डी के पदों की भर्ती प्रक्रिया से साक्षात्कार को हटाने से जुड़े एक पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि इस वर्ग की भर्ती प्रक्रिया में सामान्यत: एक साल का समय लगता था. प्रक्रिया से साक्षात्कार हटाये जाने के बाद भर्ती प्रक्रिया का समय कम हो गया है. इससे व्यवस्था को सुचारु बनाने में लाभ मिला है. सरकारी नौकरियों में भर्ती के आंकड़े पेश करते हुए गंगवार ने बताया कि 2014 से 2019 के दौरान संघ लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से 2,45,470 पदों पर भर्ती की गई. गंगवार ने कहा, ‘देश में नौकरी की कोई समस्या नहीं है. समस्या सिर्फ इस बात की है कि लोग स्थायी रोजगार चाहते हैं.’