नई दिल्ली: भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय मुख्यालय में बीते दो दिन से चल रहे JOTA-JOTI का सफलता पूर्वक समापन हो गया है. इस मौके पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी रहे प्रतिभागी स्काउट्स और गाइड्स को मुख्य अतिथि मनिंदर सिंह (एसएचओ सरोजनी नगर, दिल्ली) ने सम्मानित किया. इस कार्यक्रम में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुल 211 स्काउट्स-गाइड्स ने भाग लिया था. इसमें पहले दिन 96 और दूसरे दिन 115 स्काउट गाइड शामिल हुए.

समापन समारोह के अवसर पर मनिंदर सिंह ने कहा कि देश के हर माता पिता को अपने बच्चों को स्काउट-गाइड में जरूर डालना चाहिए क्योंकि यहां से उनके अंदर अनुशासन और समूह के साथ काम करने की प्रवृत्ति का विकास होता है. उन्होंने बच्चों को बताया कि वे खुद भी बचपन में स्काउट रहे हैं और उसी स्काटिंग की वजह से आज वे इस मुकाम पर पहुंचे हैं. उन्होंने बच्चों को हमेशा एक स्काउट या गाइड को अपने भीतर जिंदा रखने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि यदि आपके भीतर एक सच्चा स्काउट जिंदा रहेगा, तो जीवन में कभी भी आप गलत रास्ते पर नहीं मुड़ेंगे.

20 और 21 अक्टूबर में सम्पन्न हुए JOTA-JOTI के इस कार्यक्रम के दौरान पेटिंग, निबंध और प्रश्नमंच प्रतियोगिता भी रखी गई थी, जिसका विषय था पृथ्वी पर जीवन. बच्चों ने इस विषय पर चित्र और लेखन के माध्यस से अपने खुलकर विचार रखे. कार्यक्रम के दौरान बच्चों को हैम रेडियो की उपयोगिता और मोर्स कोड की जानकारी देने के अलावा हैम रेडियो और इंटरनेट के जरिए दुनिया के तमाम हिस्सों में बात भी करवाई गई.

बता दें हैम रेडियो एक ऐसा माध्यम होता है, जिसका इस्तेमाल मुख्य तौर पर आपदा के समय सूचनाएं पहुंचाने के लिए किया जाता है. हालांकि लोग इसका इस्तेमाल शौकिया तौर पर दूसरे हैम से बात करने के लिए भी करते हैं. हांलाकि इसके इस्तेमाल के लिए भारत सरकार से लाइसेंस लेना होता है.

क्या है JOTA-JOTI?
JOTA-JOTI का अर्थ है, Jamboree on the air और Jamboree on the internet. यह स्काउटिंग में होने वाला एक सालाना कार्यक्रम है जिसमें दुनिया भर के स्काउट्स और गाइड्स एक दूसरे से इंटरनेट और रेडियो के जरिए बात करते हैं और एक दूसरे की संस्कृति और स्काउटिंग के तौर तरीकों को जानने का प्रयास करते हैं. दुनिया भर में 100 से ज्यादा देशों के लगभग 20 लाख स्काउट्स एवं गाइड्स इस कार्यक्रम का हिस्सा बनते हैं.