नई दिल्ली: न्यायमूर्ति इन्दिरा बनर्जी, न्यायमूर्ति विनीत सरन और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ को मंगलवार को वरिष्ठता के इसी क्रम में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के पद की शपथ दिलाई गयी. इन तीन न्यायाधीशों के शपथ ग्रहण के साथ ही अब उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 25 हो गयी है.Also Read - CJI दीपक मिश्रा आज करेंगे अगले चीफ जस्टिस रंजन गोगोई पर सुनवाई

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प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने अपने न्यायालय कक्ष में सवेरे साढ़े दस बजे सबसे पहले न्यायमूर्ति इन्दिरा बनर्जी को शपथ दिलाई. इसके बाद न्यायमूर्ति सरन और फिर न्यायमूर्ति जोसेफ ने न्यायाधीश के पद की शपथ ली. इन न्यायाधीशों के शपथ ग्रहण समारोह में शीर्ष अदालत के सारे न्यायाधीश और विधि अधिकारी उपस्थित थे. इनके अलावा बड़ी संख्या में वकील भी प्रधान न्यायाधीश के न्यायालय में मौजूद थे. हालांकि, इससे पहले न्यायाधीशों की नियुक्ति संबंधी आधिकारिक अधिसूचना में उत्तराखंड के मुख्य न्यायाधीश के एम जोसेफ का नाम वरिष्ठता क्रम में सबसे नीचे होने की वजह से कल तक कुछ विवाद की स्थिति बनी हुई थी.

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न्यायमूर्ति जोसेफ की वरिष्ठता कम करने पर नाराजगी

शीर्ष अदालत की कोलेजियम के सदस्यों में से न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर, न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ और न्यायमूर्ति ए के सीकरी सहित कुछ न्यायाधीशों ने सरकारी अधिसूचना में न्यायमूर्ति जोसेफ की वरिष्ठता कम करने के संबंध में प्रधान न्यायाधीश से मुलाकात करके इस पर अपनी नाराजगी भी व्यक्त की थी. न्यायालय के सूत्रों ने बताया था कि प्रधान न्यायाधीश ने आपत्ति व्यक्त करने वाले न्यायाधीशों को आश्वासन दिया था कि वह इस मामले को केन्द्र सरकार के समक्ष उठायेंगे. न्यायालय के सूत्रों ने कल कहा था कि कुछ न्यायाधीशों द्वारा इसे लेकर व्यक्त की गयी चिंता पर इस समय कुछ भी नहीं हो सकता परंतु मंगलवार को तीनों न्यायाधीशों के शपथ ग्रहण के बाद इस पर चर्चा की जायेगी. (इनपुट एजेंसी)