नई दिल्ली: सात दिन की यात्रा पर भारत पहुंचे कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने रविवार को विश्व के सात अजूबों में से एक ताजमहल का दीदार किया. ट्रूडो के साथ उनका पूरा परिवार भी ताज का दीदार करने पहुंचा. ताजमहल पहुंचकर ट्रूडो और उनका परिवार काफी खुश दिखा. इस मौके पर ट्रूडो ने अपने परिवार के साथ कई तस्वीरें भी खिंचवाईं. इस मौके पर ताजमहल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को बहुत मजबूत कर दिया गया. ताजमहल पहुंचकर सबसे ज्यादा खुश ट्रूडो का छोटा बेटा दिखा जो फोटो के लिए अलग अलग पोज दे रहा था. इसके अलावा ट्रूडो के छोटे बेटे ने अपने पिता के साथ काफी मस्ती भी की. एक मौका ऐसा भी आया जब ट्रूडो का छोटा बेटा दौड़कर अपने पिता के पास गया और ट्रूडो ने उसे गोदी में उठाकर हवा में उछाल दिया. Also Read - कोरोना का प्रभाव! वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही में 3.1 प्रतिशत रही देश की जीडीपी

कनाडा के युवा और चर्चित प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की ये पहली भारत यात्रा है. उनकी इस यात्रा पर इस वजह से खास नजर रहेगी क्योंकि उन्हें भारतीय संस्कृति से लगाव रखने वाले नेता के रूप में देखा जाता है. ट्रूडो अपने खास अंदाज के लिए जाने जाते हैं और कनाडा में बेहद लोकप्रिय हैं. भारत पहुंचने पर ट्रूडो सपरिवार जैसे ही हवाई जहाज से बाहर निकलने उन्होंने भारतीय अंदाज में हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया. इस फोटो में आप देख सकते हैं कि ट्रूडो परिवार ने किस तरह लोगों का दिल जीता.

उनकी इस यात्रा से पहले इसी सप्ताह दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) की यहां बैठक हुई है जिसमें रक्षा और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के लिए सहयोग बढ़ाने के अलावा व्यापार और निवेश संबंधों को विस्तार देने पर चर्चा हुई. दोनों राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने ट्रूडो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बैठक से पहले उनके लिए रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों में दोरों देशों के पारस्परिक संबंधों के विस्तार की भूमिका तैयार की.

कनाडा के राजनयिक सूत्रों ने संकेत दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में संभवत: कनाडा के कई हिस्सों में बढ़ते सिख अतिवाद को लेकर भारत की चिंता पर भी चर्चा हुई है. दोनों देशों के बीच लंबे समय से आर्थिक भागीदारी समझौता अटका हुआ है. सूत्रों ने कहा कि भारत में कनाडा का निवेश उचित संरक्षण के अभाव में घट सकता है. सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्षों के अन्य वार्ताकारों की पिछले सप्ताह बैठक हुई, जिसमें इन अड़चनों को दूर करने और आगे बढ़ने पर विचार विमर्श हुआ. सूत्रों ने कहा कि मोदी-ट्रूडो की बैठक में भी इन मुद्दों पर विचार विमर्श हो सकता है.