नई दिल्‍ली: कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए मध्‍य प्रदेश के वरिष्‍ठ नेता ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया के कांग्रेस से इस्‍तीफे को लेकर आई उस खबर पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने जवाब दिया है, जिसमें उन्‍हें पार्टी हाईकमान के द्वारा समय नहीं दिए जाने की बात कही गई थी. राहुल गांधी ने कहा, कांग्रेस में ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ही ऐसे थे, जो किसी भी समय मेरे आ सकते थे. Also Read - कोरोना से जंग, प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व पीएम, प्रेसिडेंट सहित सोनिया, ममता, मुलायम व इन नेताओं को किया फोन

मीडियाकर्मियों ने राहुल गांधी ने उन मीडिया की रिपोर्ट के संबंध में सवाल किया था, जिनमें कहा गया था कि ज्‍योतिरादित्‍य ने पार्टी छोड़ने से पहले सोनिया गांधी से मिलने की कोशिश की थी. Also Read - Covid-19: राहुल गांधी ने अमेठी में शुरू कराया सेनिटाइजर और मास्क का वितरण

राहुल गांधी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को मिलने का समय नहीं देने संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए बुधवार को कहा कि सिंधिया उनके घर कभी भी आ सकते थे. दरअसल, गांधी से सवाल किया गया था कि क्या सिंधिया को सोनिया गांधी या आपसे (राहुल) मिलने का समय नहीं दिया जा रहा था? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि सिंधिया इकलौते शख्स हैं जो उनके घर कभी भी आ सकते थे. Also Read - दिग्विजय सिंह अमर्यादित भाषा वाले आ रहे कॉल्‍स से हुए परेशान, बंद किया मोबाइल फोन

गांधी ने बुधवार को ट्विटर पर अपना एक पुराना ट्वीट फिर से साझा किया, जो उन्होंने दिसंबर 2018 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कमलनाथ के चयन के समय किया था.

इस ट्वीट में राहुल गांधी ने कमलनाथ और सिंधिया के साथ अपनी तस्वीर साझा की थी और विचारक लियो टॉलस्टॉय के इस कथन को उद्धृत किया, ‘‘धैर्य और समय दो सबसे ताकतवर योद्धा हैं.’’

बता दें कि कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. बीजेपी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद सिंधिया ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को इस्तीफा भेजा था.

सिंधिया के इस्तीफा पत्र पर तिथि 9 मार्च दर्ज है. उन्होंने कहा था, ‘अपने राज्य और देश के लोगों की सेवा करना मेरा हमेशा से मकसद रहा है. मैं इस पार्टी में रहकर अब यह करने में अक्षम में हूं.’ उन्होंने कहा, यह मेरे लिए आगे बढ़ने का वक्त है. मेरा मानना है कि सबसे अच्छा यह है कि मैं अब एक नई शुरूआत के साथ आगे बढूं.” ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने से मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर गहरा संकट छाया हुआ है.

उधर, सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद कांग्रेस मुख्यालय से उनके नाम की नेमप्लेट हटा दी गई. वह महासचिव और प्रभारी (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) थे.