हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले ग्वालियर घराने के ‘राजकुमार’ ज्योतिरादित्य सिंधिया का कद उनके ही गढ़ कहे जाने वाले ग्वालियर क्षेत्र में संभवतः घट गया है. यह बात हम नहीं कह रहे बल्कि इस इलाके में भाजपा नेताओं की ओर से लगवाए गए पोस्टर से पता चलता है. दरअसल, मरकज़ी वज़ीर नरेंद्र सिंह तोमर और एमपी विवेक नारायण शेजवलकर के यौमे पैदाइश के मौके पर पोस्टर लगाए गए हैं. Also Read - दिग्विजय सिंह का सिंधिया को जवाब- एक जंगल में एक ही शेर रहता है

इन पोस्टरों में भाजपा के तमाम बड़े लीडरों के फोटो लगाए गए हैं लेकिन इन पोस्टरों में ज्योतिरादित्य सिंधिया का फोटो नदारद है. ऐसा पहली बार नहीं हआ है इससे पहले भी भाजपा के कई पोस्टरों में सिंधिया को जगह नहीं मिली है. Also Read - 'सत्ताधारियों और अपराधियों' की मिलीभगत का खामियाजा कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों को भुगतना पड़ रहा है' : अखिलेश यादव

बता दें कि मध्य प्रदेश के गलियारों में भाजपा के होर्डिंग्स और इश्तिहार लग रहे हैं, जिनमें लगातार 3 दिन से सिंधिया गायब नजर आ रहे हैं. लोगों के मन में अब ये सवाल आ रहे हैं कि क्या वाकई बार-बार गलती हो रही है या फिर भाजपा नेता सिंधिया को अपनाने को ही तैयार नहीं हैं. Also Read - Dy SP समेत 8 पुलिस जवानों की शहादत: कांग्रेस, BSP, SP ने UP सरकार पर बोला हमला

गौरतलब है कि सिंधिया की बगावत की वजह से कुछ माह पहले मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार गिर गई थी. कांग्रेस पार्टी में सिंधिया समर्थक कई विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था. इसकी वजह से कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी.