BJP छोड़ते ही अन्नामलाई का बड़ा धमाका! 24 घंटे में 14 लाख लोग जुड़े, तमिलनाडु की राजनीति में मची हलचल
तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा देकर नया राजनीतिक आंदोलन शुरू किया है. लॉन्च के 24 घंटे के अंदर ही करीब 14 लाख लोगों ने सदस्यता ली. अब उनका फोकस आम लोगों को राजनीति में आगे लाना है.
तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा देकर नया राजनीतिक आंदोलन शुरू किया है.
K Annamalai New Political Move: के. अन्नामलाई के बीजेपी (BJP) से अलग होने के बाद तमिलनाडु की राजनीति में एक नई चर्चा शुरू हो गई है. पूर्व आईपीएस अधिकारी और बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई ने अपनी नई राजनीतिक पहल की घोषणा करते ही बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन हासिल कर लिया. दावा किया जा रहा है कि उनके नए आंदोलन से पहले ही दिन करीब 14 लाख लोग जुड़ चुके हैं, जिसने राज्य की राजनीति में नई संभावनाओं को जन्म दे दिया है.
अन्नामलाई ने 5 जून को बीजेपी से अपना इस्तीफा सार्वजनिक किया. उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल से पार्टी नेतृत्व के साथ तमिलनाडु की राजनीति और भविष्य की दिशा को लेकर उनके विचारों में मतभेद थे. कई दौर की बातचीत के बाद उन्हें महसूस हुआ कि राज्य के लिए उनकी सोच और पार्टी की रणनीति एक-दूसरे से मेल नहीं खा रही हैं. इसी कारण उन्होंने अलग रास्ता चुनने का फैसला किया.
राजनीति में आने से पहले क्या करते थे अन्नामलाई?
राजनीति में आने से पहले अन्नामलाई भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी थे. उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर वर्ष 2020 में भाजपा का दामन थामा था. पार्टी में शामिल होने के कुछ ही समय बाद उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं और बाद में वह तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष बने. कम उम्र में मिली इस बड़ी भूमिका ने उन्हें राज्य की राजनीति का प्रमुख चेहरा बना दिया था.
अपने नए अभियान की घोषणा करते हुए अन्नामलाई ने कहा कि अब उनकी राजनीतिक यात्रा का नया अध्याय शुरू हो रहा है. उन्होंने युवाओं, छात्रों, पेशेवरों और आम नागरिकों से इस पहल का हिस्सा बनने की अपील की. उनका कहना है कि राजनीति केवल कुछ परिवारों या चुनिंदा लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि समाज के हर वर्ग को नेतृत्व का अवसर मिलना चाहिए.
क्या है नए आंदोलन का मकसद?
उनके नए आंदोलन का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर नेतृत्व तैयार करना बताया जा रहा है. अन्नामलाई का मानना है कि राजनीति में बदलाव तभी संभव है जब आम लोग निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनें. उन्होंने ऐसे राजनीतिक मॉडल की बात की जिसमें स्थानीय समस्याओं के समाधान और जनता की भागीदारी को प्राथमिकता दी जाए.
उनकी पहल के लिए बनाई गई वेबसाइट पर हजारों नहीं बल्कि लाखों लोगों के पंजीकरण का दावा किया गया है. ये संख्या इस बात का संकेत मानी जा रही है कि तमिलनाडु में वैकल्पिक राजनीति की मांग बढ़ रही है. हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि डिजिटल सदस्यता और चुनावी सफलता के बीच बड़ा अंतर होता है. इसलिए आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह समर्थन जमीन पर कितना मजबूत साबित होता है.
अन्नामलाई ने साफ किया है कि उनका संगठन भविष्य में तमिलनाडु की लोकसभा और अन्य चुनावी लड़ाइयों में हिस्सा लेगा. साथ ही वे नए नेताओं को तैयार करने और युवाओं को राजनीति में सक्रिय भूमिका देने पर जोर देंगे. उनका दावा है कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति के इर्द-गिर्द नहीं बल्कि जनता की भागीदारी पर आधारित होगा.
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