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'अग्निवीर सैनिकों से बीजेपी ऑफिस की सुरक्षा कराऊंगा' कहकर फंसे कैलाश विजयवर्गीय, वरुण गांधी ने दिया सख्त जवाब
बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय अग्निवीर सैनिकों से बीजेपी ऑफिस की सुरक्षा कराने वाले बयान से घिर गए हैं. भाजपा के ही वरुण गांधी ने इस बात का सख्त जवाब दिया है.
इंदौर (मध्य प्रदेश): सैन्य बलों में भर्ती की नई अग्निपथ योजना को लेकर युवाओं के जारी विरोध के बीच बीजेपी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने ऐसा बयान दिया, जिससे उनकी ही पार्टी अहसज हो गई. कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अगर उन्हें पार्टी कार्यालय में सुरक्षा रखनी है तो वह किसी पूर्व अग्निवीर को प्राथमिकता देंगे. उन्होंने युवाओं के लिए इस योजना के अलग-अलग फायदे गिनाते वक्त यह बात कह डाली. इस बात का ऐसा असर हुआ कि कैलाश विजयवर्गीय को कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और भाजपा सांसद वरुण गांधी समेत कई राजनीतिक हस्तियों ने कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान पर निशाना साधा है.
अपने बयान को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि ‘‘टूलकिट’’ गिरोह से जुड़े लोग उनके कथन को तोड़ मरोड़कर प्रस्तुत करके ‘‘कर्मवीरों’’ के अपमान की कोशिश कर रहे हैं. कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर के भाजपा कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सेना के प्रशिक्षण में अनुशासन एवं आज्ञा का पालन करना सबसे प्रमुख है, और अग्निपथ योजना के तहत सेवा के दौरान युवाओं में दोनों गुणों का विकास होगा. उन्होंने कहा कि जब कोई युवा सेना में अग्निपथ योजना के तहत प्रशिक्षण लेगा और चार साल की सेवा के बाद निकलेगा तो 11 लाख रुपये उसके हाथ में होंगे और वह अपनी छाती पर अग्निवीर का तमगा लगाकर घूमेगा.
भाजपा महासचिव ने आगे कहा, ‘‘मुझे अगर भाजपा के इस कार्यालय में सुरक्षा रखनी है, तो मैं (पूर्व) अग्निवीर को प्राथमिकता दूंगा.’’ अपने बयान पर बवाल मचने के बाद विजयवर्गीय ने ट्वीट कर सफाई दी,‘‘अग्निपथ योजना से निकले अग्निवीर निश्चित तौर पर प्रशिक्षित एवं कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्ध होंगे. सेना में सेवाकाल पूर्ण करने के बाद वे जिस भी क्षेत्र में जाएंगे, वहां उनकी उत्कृष्टता का उपयोग होगा. मेरा आशय स्पष्ट रूप से यही था.’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘टूलकिट गिरोह से जुड़े लोग मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करके कर्मवीरों का अपमान करने की कोशिश कर रहे हैं. यह देश के कर्मवीरों का अपमान होगा. राष्ट्रवीरों-धर्मवीरों के खिलाफ इस टूलकिट गिरोह के षड़यंत्रों को देश भली भांति जानता है.’’
जिस महान सेना की वीर गाथाएँ कह सकने में समूचा शब्दकोश असमर्थ हो, जिनके पराक्रम का डंका समस्त विश्व में गुंजायमान हो, उस भारतीय सैनिक को किसी राजनीतिक दफ़्तर की ‘चौकीदारी’ करने का न्यौता, उसे देने वाले को ही मुबारक।
भारतीय सेना माँ भारती की सेवा का माध्यम है, महज एक ‘नौकरी’ नहीं। pic.twitter.com/Ehq0rwx0zV
— Varun Gandhi (@varungandhi80) June 19, 2022
वरुण गांधी ने दिया ये जवाब
जिस महान सेना की वीर गाथाएँ कह सकने में समूचा शब्दकोश असमर्थ हो, जिनके पराक्रम का डंका समस्त विश्व में गुंजायमान हो, उस भारतीय सैनिक को किसी राजनीतिक दफ़्तर की ‘चौकीदारी’ करने का न्यौता, उसे देने वाले को ही मुबारक. भारतीय सेना माँ भारती की सेवा का माध्यम है, महज एक ‘नौकरी’ नहीं.
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