चेन्नई: अभिनय की दुनिया में अपना लोहा मनवाने वाले कमल हासन ने अपनी सियासी पारी शुरू कर दी. उन्होंने अपनी एक पार्टी मक्कल निधि मय्यम’ पार्टी बना चुके हैं. इसके साथ ही उन्होंने राजनीति में अपनी पैठ और जनता का भरोसा जीतने का काम भी शुरू कर दिया है. उनकी पार्टी किसी भी चीज पर पूर्ण रूप से रोक लागू करने में विश्वास नहीं रखती है क्योंकि इससे और ज्यादा हानि हो सकती है. Also Read - शराब से लदा ट्रक हाइवे पर पलटा, लोगों ने लूट ली 20 लाख की शराब, देखें Video

कमल हासन ने पूछे गए सवाल पर कहा कि शराब की दुकानों को इस तरह फैलने देने चाहिए या नहीं. हमें डाकखाने की तलाश में इधर-उधर घूमना पड़ता है लेकिन तमिलनाडु सरकार की शराब की दुकानों को ढूंढने के लिए आपको कही जाने की जरूरत नहीं है. हमें इस स्थिति को बदलना होगा. कमल ने कहा कि पूर्ण रूप से प्रतिबंध के परिणामस्वरूप माफिया का उदय होगा, जैसा कि दुनिया के इतिहास में पहले भी देखा गया है. Also Read - PM मोदी की तारीफ करने पर डीएमके ने MLA को किया निलंबित, सेल्वम पहुंचे बीजेपी ऑफिस

चुनावी रेवड़िया न बांटे Also Read - पंजाब में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 104 हुई, मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये देगी सरकार

कमल हासन ने कहा कि मानव का शरीर शराब पीने से खुद को अचानक नहीं रोक सकता. उन्होंने कहा कि शराब पीना कम किया जा सकता है लेकिन इस पूरी तरीके से रोकना संदेहात्मक है. उनके मुताबिक, महिला मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए राजनीतिक दल शराब पर प्रतिबंध लगाने का कार्ड खेलते हैं. कमल ने कहा कि स्कूलों के पास शराब की दुकानें खोलना एक खेल है, जो उनके लिए चिंताजनक है.

चुनाव से पहले सरकार द्वारा बांटी जाने वाली चुनावी रेवड़ियों पर कमल ने कहा कि इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी अगर लोगों को अर्जन करने और सुकून से जीने के लिए एक स्थायी तरीका मिल जाए. बता दें कि कमल हासन का यह बयान उस वक्त आया है जब तमिलनाडु में बड़े विपक्षी दल राज्य में शराब की बिक्री पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं.

इन राज्यों में शराब पर है बैन

बता दें कि भारत के कई राज्यों में शराब पर पाबंदी लगी हुई है. इनमें गुजरात, नागालैंड, मणिपुर और लक्ष्यद्वीप में भी शराब पर पाबंदी है. वहीं कई राज्य शराब पर पाबंदी तो लगाना चाहते हैं लेकिन अब निर्णय नहीं तक लिया है.