कमलनाथ (Kamal Nath) के ‘आइटम’ वाले बयान पर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने  नाराजगी जताई, हालांकि  मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. कमलनाथ ने ‘आइटम’ वाले बयान के लिए शिवराज सिंह कैबिनेट की मंत्री इमरती देवी (Imarti Devi) से माफी मांगने से इनकार कर दिया. पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था और कहा कि मुझे इस तरह की भाषा पसंद नहीं है. Also Read - GHMC Poll Latest News: केंद्रीय गृह मंत्री रेड्डी, असदुद्दीन ओवैसी समेत इन दिग्‍गजों ने की वोटिंग

उधर, राहुल गांधी के बयान के बाद कमलनाथ ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, ‘अब वह राहुल जी की राय है. मैंने तो साफ कर दिया मैंने किस संदर्भ में कहा था, इसमें और कहने की जरूरत नहीं है.’ जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अपने बयान के लिए माफी मांगेंगे तो उन्होंने इससे इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि मैं क्यों माफी मांगूंगा? मेरा मकसद किसी को अपमानित करने का नहीं था. यदि कोई अपमानित अहसास करता है तो मुझे खेद है, यह तो मैंने कल ही कह दिया था.

इससे पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कमलनाथ की टिप्पणी से असहमति जताते हुए कहा था कि जिस तरह की भाषा का उन्होंने इस्तेमाल किया है, वो मुझे पसंद नहीं है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. राहुल गांधी ने कहा, ‘कमलनाथ जी मेरी पार्टी से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन व्यक्तिगत रूप से मुझे उस प्रकार की भाषा पसंद नहीं है, जिसका उन्होंने इस्तेमाल किया. मैं इस तरह की भाषा की सराहना नहीं करता, चाहे वह कोई भी हो. यह दुर्भाग्यपूर्ण है.’

इससे पहले कमलनाथ ने बीजेपी सरकार की मंत्री इमरती देवी पर की टिप्पणी को लेकर सफाई भी दी थी. कमलनाथ ने इमरती देवी पर दिए गए अपने बयान से उठ रहे सवाल के जवाब में कहा था कि वे उनका नाम भूल गए थे, वे किसी का अपमान नहीं करते.

वहीं, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि 73 वर्षीय कांग्रेस नेता अपने विवादित बयान के लिए माफी मांगने की बजाय बेशर्मी से सफाई दे रहे हैं. चौहान ने इंदौर से करीब 30 किलोमीटर दूर पाल कांकरिया गांव में एक चुनावी सभा में कहा, ‘यह निर्लज्जता की हद है. मुझे तो लगा था कि इमरती देवी को लेकर अपनी अभद्र टिप्पणी पर अफसोस जाहिर करते हुए कमलनाथ माफी मांगेंगे, लेकिन चोरी और सीनाजोरी…. कमलनाथ कह रहे हैं कि उन्होंने कोई गलत बात नहीं की है.’

उन्होंने कहा, ‘कमलनाथ बोल रहे हैं कि वह इमरती देवी का नाम भूल गए थे. अगर वह अपने पूर्व मंत्रिमंडल की सदस्य (इमरती देवी) का नाम भूल सकते हैं, तो उन्हें राजनीति में रहने का कोई हक नहीं है.’ चौहान ने जोर देकर कहा, ‘कमलनाथ याद रखें कि यह वह देश है जहां रावण ने मैया सीता का अपमान किया था, तो विभीषण को छोड़कर रावण का पूरा वंश समाप्त हो गया था.’

(इनपुट: ANI,भाषा)